गाजियाबाद में ‘हुनर हाट–दीपावली उत्सव’ का भव्य आयोजन, विशेष बच्चों ने दिखाई प्रतिभा और आत्मनिर्भरता की मिसाल
नींव शक्ति संस्थान के आयोजन में विशेष बच्चों ने हस्तनिर्मित दीपावली उपहारों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रचनात्मक कौशल से जीता दिल, उत्पादों की बिक्री से प्राप्त धनराशि शिक्षा और दिव्यांगजन कल्याण पर होगी खर्च
गाजियाबाद, 25 अक्टूबर 2026। दीपावली के पावन अवसर पर गाजियाबाद में विशेष बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता को समर्पित एक प्रेरणादायक आयोजन देखने को मिला। नींव शक्ति संस्थान द्वारा संचालित देव भागीरथी लर्निंग सेंटर, महरौली, गाजियाबाद में 24 अक्टूबर को ‘हुनर हाट–दीपावली उत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष बच्चों ने अपनी कला, कौशल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से साबित किया कि उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर वे भी समाज में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विशेष बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना, उनके आत्मविश्वास को मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। आयोजन में बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
‘विशेष बच्चों के हुनर का खूबसूरत संसार’ बनी आयोजन की पहचान
इस वर्ष हुनर हाट की प्रेरणादायक थीम ‘विशेष बच्चों के हुनर का खूबसूरत संसार’ रखी गई थी। इस थीम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशिष्ट क्षमता होती है। आवश्यकता केवल उस प्रतिभा को पहचानने, विकसित करने और समाज के सामने प्रस्तुत करने की है।
कार्यक्रम स्थल पर विशेष बच्चों और उनके शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक हस्तनिर्मित दीपावली उपहारों, सजावटी वस्तुओं तथा विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई।
रंग-बिरंगी सजावटी सामग्री और रचनात्मक उत्पादों ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। इन वस्तुओं के निर्माण में बच्चों की मेहनत, कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
यह प्रदर्शनी केवल हस्तनिर्मित उत्पादों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं थी, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता, कौशल विकास और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उनके प्रयासों का भी प्रतीक बनी।
प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
हुनर हाट–दीपावली उत्सव में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में कैरियर ग्रुप के निदेशक प्रभु माहेश्वरी एवं सचिन माहेश्वरी, गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ (IAS), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान, सीजीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर विनीत गोयल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की सचिव निधि कुमार झा सहित अनेक गणमान्य अतिथि शामिल हुए।
अतिथियों की सहभागिता ने बच्चों का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ समाज में समावेशी शिक्षा और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के महत्व को भी रेखांकित किया।
इस अवसर पर विशेष बच्चों की प्रतिभा को पहचान देने तथा उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
नृत्य और गायन से विशेष बच्चों ने मोहा दर्शकों का मन
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विशेष बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। बच्चों ने नृत्य, गायन और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और दर्शकों का मन मोह लिया। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास और उत्साह इस आयोजन की विशेष उपलब्धि के रूप में सामने आया।
इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि शारीरिक, मानसिक या अन्य चुनौतियां किसी बच्चे की प्रतिभा और रचनात्मकता को सीमित नहीं करतीं। यदि बच्चों को अनुकूल वातावरण, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिले, तो वे अपनी क्षमताओं का बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से विशेष बच्चों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री से बच्चों की शिक्षा को मिलेगा सहयोग
नींव शक्ति संस्थान की ओर से बताया गया कि हुनर हाट केवल दीपावली का उत्सव या हस्तशिल्प मेला नहीं है, बल्कि यह विशेष बच्चों के कौशल विकास, आत्मसम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का एक सार्थक प्रयास है।
संस्थान के अनुसार, मेले में प्रदर्शित हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री से प्राप्त धनराशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को यह अनुभव कराना भी है कि उनकी मेहनत और रचनात्मकता का सामाजिक तथा आर्थिक महत्व है।
हस्तनिर्मित उत्पादों के निर्माण और प्रदर्शन जैसी गतिविधियां बच्चों में व्यावहारिक कौशल, जिम्मेदारी की भावना तथा आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
विशेष बच्चों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना संस्थान का लक्ष्य
नींव शक्ति संस्थान विशेष बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
संस्थान का उद्देश्य बच्चों की व्यक्तिगत क्षमताओं को पहचानना, उनकी प्रतिभा को निखारना तथा उन्हें भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
इसी सोच के अंतर्गत कौशल विकास, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हुनर हाट जैसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करने के साथ-साथ समाज को भी उनकी क्षमताओं से परिचित कराते हैं।
ऐसे प्रयास समावेशी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहां प्रत्येक व्यक्ति को उसकी क्षमता के अनुसार सम्मान, अवसर और आगे बढ़ने का अधिकार मिले।
‘हर विशेष बच्चे में अपार संभावनाएं’ — ऋचा बल्लभ खुल्बे
नींव शक्ति संस्थान की संस्थापक ऋचा बल्लभ खुल्बे ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, सहयोगियों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विशेष बच्चे में अपार संभावनाएं होती हैं। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास प्रदान करने की है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विशेष बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए परिवार, शिक्षकों, सामाजिक संस्थाओं तथा समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने चाहिए।
ऋचा बल्लभ खुल्बे ने कहा कि नींव शक्ति संस्थान भविष्य में भी विशेष बच्चों और दिव्यांगजनों की शिक्षा, कौशल विकास तथा आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
संस्थान का प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक बच्चों को ऐसे अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनके माध्यम से वे अपनी प्रतिभा को विकसित कर सकें और समाज में सम्मानजनक पहचान बना सकें।
समाज में समावेशिता और समान अवसरों का दिया संदेश
हुनर हाट–दीपावली उत्सव ने समाज के सामने समावेशिता, संवेदनशीलता और समान अवसरों का महत्वपूर्ण संदेश प्रस्तुत किया।
इस आयोजन ने यह रेखांकित किया कि विशेष बच्चों को केवल सहायता की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच और अवसर भी मिलने चाहिए।
बच्चों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उनकी प्रतिभा, मेहनत तथा रचनात्मक क्षमता को सामने लाने का कार्य किया।
इस प्रकार के आयोजन अभिभावकों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ समाज को भी विशेष बच्चों के प्रति अधिक संवेदनशील और सहयोगी बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
‘हर हुनर को मिले पहचान, हर सपने को मिले उड़ान’
कार्यक्रम का समापन इस प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति की प्रतिभा को सम्मान मिलना चाहिए और प्रत्येक बच्चे को अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होना चाहिए।
गाजियाबाद में आयोजित हुनर हाट–दीपावली उत्सव 2026 ने विशेष बच्चों के हुनर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को एक सकारात्मक मंच प्रदान किया।
यह आयोजन दीपावली की खुशियों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, समान अवसर और मानवीय संवेदनाओं का भी संदेश दे गया।
“हर हुनर को मिले पहचान, हर सपने को मिले उड़ान।”