📅 Loading Date & Time...
होम > खेल > न्यूज़

IND W vs ZIM W 2nd ODI 2026: हरमनप्रीत कौर का धमाकेदार शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रनों का लक्ष्य

By aonenewstv | Published: Oct 25, 2026 12:39 PM

IND W vs ZIM W 2nd ODI 2026: हरमनप्रीत कौर का शानदार शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रनों का लक्ष्य

वडोदरा में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दूसरे वनडे मुकाबले में शुरुआती झटकों से उबरते हुए दमदार बल्लेबाजी की। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर 15 चौकों की मदद से 126 रन बनाए। कप्तान स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के जल्दी आउट होने के बाद हरमनप्रीत ने टीम को संभाला और जिम्बाब्वे के सामने 329 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

वडोदरा, 25 अक्टूबर 2026। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। वडोदरा में खेले जा रहे इस मैच में भारतीय टीम ने शुरुआती दो विकेट महज 19 रन पर गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद हरमनप्रीत कौर की शानदार शतकीय पारी ने मुकाबले की तस्वीर बदल दी।

पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उनकी इस पारी में 15 चौके शामिल रहे। हरमनप्रीत ने मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभाला और मध्यक्रम के बल्लेबाजों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं।

भारतीय महिला टीम ने अपनी पारी में 328 रन बनाए और जिम्बाब्वे के सामने जीत के लिए 329 रनों का लक्ष्य रखा।

भारत की शुरुआत रही बेहद खराब

जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय महिला टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।

कप्तान स्मृति मंधाना और आक्रामक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा जल्दी पवेलियन लौट गईं।

इन दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भारत का स्कोर महज 19 रन पर दो विकेट हो गया।

शुरुआती झटकों ने भारतीय टीम को दबाव में डाल दिया था।

ऐसी स्थिति में टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी, ताकि पारी को संभालकर प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया जा सके।

हरमनप्रीत कौर ने संभाली भारतीय पारी

दो शुरुआती विकेट गिरने के बाद हरमनप्रीत कौर ने बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली।

उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी को आगे बढ़ाया और पारी को स्थिरता प्रदान की।

हरमनप्रीत ने शुरुआत में विकेट बचाने और साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया।

इसके बाद उन्होंने खराब गेंदों का फायदा उठाते हुए तेजी से रन बनाए।

उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने दबाव के समय धैर्य बनाए रखा और टीम को संकट से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

121 गेंदों पर 126 रन की शानदार पारी

हरमनप्रीत कौर ने इस मुकाबले में बेहतरीन शतक लगाया।

उन्होंने 121 गेंदों का सामना करते हुए 126 रन बनाए।

उनकी पारी में 15 चौके शामिल रहे।

हरमनप्रीत ने लगभग 104.13 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।

यह पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि भारत ने शुरुआती ओवरों में अपने दो प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे।

ऐसे समय में हरमनप्रीत ने एक छोर संभालकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।

प्रतिका रावल के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी

भारतीय पारी को संभालने में प्रतिका रावल की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

शुरुआती विकेट गिरने के बाद प्रतिका ने हरमनप्रीत के साथ बल्लेबाजी करते हुए पारी को आगे बढ़ाने में सहयोग दिया।

दोनों बल्लेबाजों ने विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम पर बने दबाव को कम करने का प्रयास किया।

इस साझेदारी ने भारतीय पारी को स्थिरता दी और मध्यक्रम के बल्लेबाजों के लिए मजबूत आधार तैयार किया।

प्रतिका के आउट होने के बाद भी हरमनप्रीत ने रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।

तेजल हसनवीस के साथ भी आगे बढ़ाई पारी

प्रतिका रावल के बाद तेजल हसनवीस ने भारतीय बल्लेबाजी को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

इस दौरान हरमनप्रीत कौर ने अपनी लय बरकरार रखी।

भारतीय टीम की रणनीति विकेट बचाते हुए स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाने की रही।

मध्यक्रम में मिली साझेदारियों ने भारत को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की।

तेजल के आउट होने के बाद भारतीय टीम को अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की आवश्यकता थी।

दीप्ति शर्मा के साथ शतकीय साझेदारी

हरमनप्रीत कौर ने उपकप्तान दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर एक और महत्वपूर्ण साझेदारी की।

दोनों बल्लेबाजों ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और तेजी से रन जुटाए।

हरमनप्रीत ने एक छोर पर अपनी बल्लेबाजी जारी रखी, जबकि दीप्ति शर्मा ने भी आक्रामक अंदाज अपनाया।

दोनों के बीच हुई शतकीय साझेदारी भारतीय पारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

इस साझेदारी की बदौलत भारतीय टीम 300 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रही।

दीप्ति शर्मा ने दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी

भारतीय महिला टीम की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने हरमनप्रीत कौर के साथ बल्लेबाजी करते हुए रन गति बढ़ाने में सहयोग किया।

अंतिम चरण में भारतीय टीम का उद्देश्य अधिक से अधिक रन जोड़ना था।

दीप्ति की आक्रामक बल्लेबाजी ने इस रणनीति को आगे बढ़ाया।

हरमनप्रीत और दीप्ति की साझेदारी ने जिम्बाब्वे के सामने बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने में अहम योगदान दिया।

कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत का दमदार प्रदर्शन

इस मुकाबले में हरमनप्रीत कौर की पारी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि वह कप्तानी छोड़ने के बाद बल्लेबाज के रूप में मैदान पर उतरीं।

टीम की कमान स्मृति मंधाना के हाथों में है।

हरमनप्रीत ने इस मुकाबले में दिखाया कि कप्तानी की जिम्मेदारी से अलग होने के बाद भी वह बल्लेबाजी में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम हैं।

उनकी शतकीय पारी ने भारतीय टीम के मध्यक्रम को मजबूती दी।

अनुभवी खिलाड़ी के रूप में उन्होंने मुश्किल समय में टीम को संभालने की जिम्मेदारी निभाई।

19 रन पर दो विकेट से 328 रन तक पहुंचा भारत

भारतीय महिला टीम की पारी में सबसे महत्वपूर्ण पहलू शुरुआती संकट से उबरकर बड़ा स्कोर बनाना रहा।

एक समय भारत ने सिर्फ 19 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे।

इसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का संतुलन बनाते हुए पारी को आगे बढ़ाया।

हरमनप्रीत कौर के शतक और अन्य बल्लेबाजों के सहयोग से भारतीय टीम 328 रन तक पहुंच गई।

इस तरह जिम्बाब्वे को जीत के लिए 329 रन बनाने की चुनौती मिली।

जिम्बाब्वे के सामने 329 रनों का लक्ष्य

भारत ने जिम्बाब्वे के सामने दूसरे वनडे में 329 रनों का लक्ष्य रखा है।

इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए जिम्बाब्वे को मजबूत शुरुआत और लंबी साझेदारियों की आवश्यकता होगी।

भारतीय गेंदबाजों के सामने लक्ष्य का बचाव करने की चुनौती रहेगी।

बड़े स्कोर वाले मुकाबलों में शुरुआती विकेट और मध्य ओवरों में रन गति पर नियंत्रण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

भारतीय टीम की कोशिश होगी कि बल्लेबाजों द्वारा बनाए गए बड़े स्कोर का फायदा उठाते हुए जिम्बाब्वे पर दबाव बनाया जाए।

भारतीय महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण पारी

हरमनप्रीत कौर की 126 रनों की पारी भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए महत्वपूर्ण रही।

उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

अनुभवी खिलाड़ियों का इस तरह जिम्मेदारी निभाना युवा बल्लेबाजों के लिए भी प्रेरणादायक हो सकता है।

भारतीय महिला टीम की बल्लेबाजी में यह प्रदर्शन दिखाता है कि शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद मध्यक्रम की साझेदारियों से बड़ा स्कोर बनाया जा सकता है।

दूसरे वनडे में भारत ने बनाई मजबूत स्थिति

वडोदरा में खेले जा रहे दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने बल्लेबाजी के दम पर मजबूत चुनौती पेश की है।

हरमनप्रीत कौर ने शानदार शतक लगाया और दीप्ति शर्मा के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की।

कप्तान स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के जल्दी आउट होने के बावजूद भारत ने 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रनों का लक्ष्य रखा।

भारतीय पारी की सबसे बड़ी उपलब्धि हरमनप्रीत कौर की 126 रनों की शानदार बल्लेबाजी रही। अब मुकाबले का परिणाम जिम्बाब्वे की लक्ष्य का पीछा करने वाली पारी और भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

Scroll to Top