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PM Modi Varanasi Air Show 2026: नमो घाट पर गरजे सुखोई-राफेल, पीएम मोदी ने देखा ‘Wings Over Ganga’ एयर शो

By aonenewstv | Published: Oct 25, 2026 12:33 PM

PM Modi Varanasi Air Show 2026: वाराणसी के नमो घाट पर वायुसेना का अद्भुत शक्ति प्रदर्शन, पीएम मोदी ने देखा ‘Wings Over Ganga’ एयर शो

भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर भव्य हवाई प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयर शो का अवलोकन किया। सुखोई-30 MKI के त्रिशूल फॉर्मेशन और विश्वनाथ फॉर्मेशन ने कार्यक्रम को खास बनाया।

वाराणसी, 25 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य हवाई प्रदर्शन का अवलोकन किया। गंगा किनारे स्थित नमो घाट पर आयोजित ‘एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026’ में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने रोमांचक हवाई करतब दिखाए।

‘Wings Over Ganga’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की ताकत, तकनीकी क्षमता, अनुशासन और हवाई युद्ध कौशल की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने नमो घाट से विमानों के विभिन्न फॉर्मेशन और हवाई प्रदर्शन को देखा।

कार्यक्रम में सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमानों के विशेष फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र रहे। इसके साथ ही भारतीय सेना और नौसेना की भागीदारी के माध्यम से तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त परिचालन क्षमता का संदेश देने की योजना भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।

नमो घाट पर प्रधानमंत्री मोदी ने देखा एयर शो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय वायुसेना के विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वाराणसी के नमो घाट पहुंचे।

यहां आयोजित एयर शो में लड़ाकू विमानों ने गंगा के ऊपर आसमान में विभिन्न प्रकार की संरचनाएं बनाईं।

भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शन का उद्देश्य देश की हवाई शक्ति और सैन्य तैयारियों को प्रदर्शित करना था।

नमो घाट का वातावरण उस समय विशेष बन गया जब लड़ाकू विमान निर्धारित फॉर्मेशन में आसमान से गुजरे।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विमानों की उड़ान और उनके समन्वित प्रदर्शन का अवलोकन किया।

‘Wings Over Ganga’ में दिखी भारतीय वायुसेना की ताकत

वाराणसी में आयोजित ‘Wings Over Ganga’ एयर शो भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।

इस दौरान लड़ाकू विमानों ने अपनी गति, नियंत्रण और समन्वय का प्रदर्शन किया।

हवाई प्रदर्शन में विमानों का निर्धारित दूरी और दिशा बनाए रखते हुए उड़ान भरना विशेष प्रशिक्षण तथा तकनीकी दक्षता का परिचायक होता है।

भारतीय वायुसेना के पायलटों ने विभिन्न फॉर्मेशन के माध्यम से अपनी पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया।

इस आयोजन ने देश की रक्षा तैयारियों और सैन्य विमानन के प्रति लोगों की दिलचस्पी को भी बढ़ाया।

सुखोई-30 MKI ने बनाया त्रिशूल फॉर्मेशन

एयर शो के सबसे चर्चित प्रदर्शनों में सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमानों का विशेष फॉर्मेशन शामिल रहा।

नमो घाट के सामने उड़ान भरते हुए विमानों ने अपने निर्धारित मार्ग और संरचना के अनुसार प्रदर्शन किया।

इस दौरान तीन विमानों वाला प्रसिद्ध ‘त्रिशूल’ स्प्लिट भी प्रदर्शित किया गया।

इस तकनीक में विमान एक समन्वित संरचना में उड़ते हुए निर्धारित बिंदु पर अलग-अलग दिशाओं में जाते हैं।

ऐसे हवाई करतब में पायलटों के बीच सटीक तालमेल और उड़ान नियंत्रण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

त्रिशूल फॉर्मेशन भारतीय वायुसेना के प्रदर्शन का प्रमुख आकर्षण रहा।

विश्वनाथ फॉर्मेशन ने बढ़ाया काशी का गौरव

वाराणसी में आयोजित एयर शो के दौरान ‘विश्वनाथ फॉर्मेशन’ का भी प्रदर्शन किया गया।

काशी विश्वनाथ की नगरी में इस नाम के फॉर्मेशन ने कार्यक्रम को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का अवसर दिया।

विमानों ने निर्धारित संरचना में उड़ान भरकर अपनी समन्वित क्षमता का प्रदर्शन किया।

हवाई प्रदर्शन के दौरान फॉर्मेशन बदलने और विमानों के बीच आवश्यक दूरी बनाए रखने के लिए विशेष कौशल की आवश्यकता होती है।

विश्वनाथ फॉर्मेशन ने वायुसेना के अनुशासन और तकनीकी दक्षता को दर्शाया।

छह विमानों ने बनाया एरोहेड फॉर्मेशन

एयर शो के दौरान छह विमानों के समूह ने ‘एरोहेड’ फॉर्मेशन में भी उड़ान भरी।

एरोहेड फॉर्मेशन में विमान तीर के अगले हिस्से जैसी संरचना बनाते हैं।

इस तरह की संरचना में उड़ान भरते समय सभी पायलटों को निर्धारित गति, दिशा और आपसी दूरी बनाए रखनी होती है।

हवाई प्रदर्शन में इस फॉर्मेशन का उपयोग विमानों के बीच तालमेल और समन्वय को प्रदर्शित करने के लिए किया गया।

इस प्रदर्शन ने भारतीय वायुसेना की सामूहिक उड़ान क्षमता की झलक पेश की।

आसमान में दिखी आधुनिक सैन्य क्षमता

भारतीय वायुसेना के इस आयोजन में लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के जरिए आधुनिक सैन्य क्षमता को सामने रखा गया।

सुखोई-30 MKI भारतीय वायुसेना के प्रमुख बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों में शामिल है।

यह विमान विभिन्न प्रकार के हवाई अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है।

एयर शो में ऐसे विमानों की भागीदारी का उद्देश्य उनकी परिचालन विशेषताओं और पायलटों की दक्षता का प्रदर्शन करना था।

विभिन्न फॉर्मेशन ने यह दिखाया कि सैन्य विमानन में व्यक्तिगत कौशल के साथ सामूहिक समन्वय भी कितना महत्वपूर्ण होता है।

भारतीय सेना और नौसेना की भागीदारी का भी महत्व

कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, हवाई प्रदर्शन में भारतीय नौसेना और भारतीय सेना के विमानों की भागीदारी भी निर्धारित थी।

इसका उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त परिचालन क्षमता को प्रदर्शित करना था।

आधुनिक सैन्य अभियानों में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

विभिन्न सेनाओं के विमान एक ही कार्यक्रम में शामिल होने से संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन तैयारियों का संदेश मिलता है।

यह आयोजन केवल हवाई करतब तक सीमित नहीं था, बल्कि देश की रक्षा क्षमताओं की व्यापक झलक प्रस्तुत करने का अवसर भी था।

वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ पर विशेष आयोजन

भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी।

वर्ष 2026 में भारतीय वायुसेना अपनी स्थापना की 94वीं वर्षगांठ मना रही है।

इस अवसर पर वाराणसी में आयोजित विशेष हवाई प्रदर्शन ने वायुसेना के गौरवशाली इतिहास और आधुनिक क्षमताओं को रेखांकित किया।

भारतीय वायुसेना देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा के साथ आपदा राहत, मानवीय सहायता और अन्य महत्वपूर्ण अभियानों में भी भूमिका निभाती है।

वायुसेना दिवस से जुड़े आयोजन देश के नागरिकों को सशस्त्र बलों के कार्य और क्षमताओं से परिचित कराने का माध्यम भी होते हैं।

एयर शो से पहले वाराणसी को गारमेंट फैक्ट्री की सौगात

भारतीय वायुसेना के कार्यक्रम में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में एक गारमेंट फैक्ट्री से जुड़े कार्यक्रम में भी भाग लिया।

इस परियोजना को क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वाराणसी में वस्त्र और परिधान क्षेत्र की गतिविधियों का विस्तार स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए अवसर पैदा कर सकता है।

प्रधानमंत्री के इस दौरे में औद्योगिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख रहे।

वाराणसी में विकास और रक्षा शक्ति का संगम

प्रधानमंत्री मोदी के वाराणसी दौरे में एक ओर औद्योगिक विकास से जुड़ा कार्यक्रम रहा, वहीं दूसरी ओर भारतीय वायुसेना का हवाई शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया।

इन दोनों कार्यक्रमों ने विकास और रक्षा क्षमता से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को सामने रखा।

नमो घाट पर आयोजित एयर शो ने वाराणसी को एक विशेष सैन्य आयोजन की मेजबानी का अवसर दिया।

गंगा किनारे लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता रहा।

काशी के आसमान में दिखा देश की हवाई शक्ति का प्रदर्शन

भारतीय वायुसेना के ‘Wings Over Ganga’ कार्यक्रम में सुखोई-30 MKI, त्रिशूल स्प्लिट, विश्वनाथ फॉर्मेशन और एरोहेड संरचना जैसे प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम का अवलोकन किया।

भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस एयर शो ने सैन्य विमानन की तकनीकी क्षमता, पायलटों के कौशल और समन्वित उड़ान की विशेषताओं को प्रदर्शित किया।

वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना की ताकत और पेशेवर दक्षता का महत्वपूर्ण प्रदर्शन रहा, जिसमें काशी की सांस्कृतिक पहचान और देश की आधुनिक रक्षा क्षमता की झलक एक साथ देखने को मिली।

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