अलीगढ़ रामलीला महोत्सव 2026: प्रभु श्रीराम की भव्य नगर भ्रमण शोभायात्रा निकली, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
उपशीर्षक: श्री रामलीला गौशाला कमेटी के तत्वावधान में निकली भव्य शोभायात्रा, भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की आकर्षक झांकियां बनीं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
अलीगढ़ | 23 अक्टूबर 2026 | डिजिटल डेस्क
अलीगढ़। जीटी रोड स्थित रामलीला भवन में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव 2026 के अंतर्गत 22 अक्टूबर को भगवान श्रीराम का भव्य नगर भ्रमण एवं प्रजा अवलोकन कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्री रामलीला गौशाला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। ढोल-ताशों, बैंड की मधुर धुनों और भगवान श्रीराम के भजनों के बीच निकली शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
श्री रामलीला महोत्सव का मंचन मथुरा के सर्वोदय गणेश रामलीला मंडल द्वारा आचार्य राजीव चतुर्वेदी के निर्देशन में किया जा रहा है। कथा व्यास गौतम चतुर्वेदी द्वारा रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया जा रहा है।
सिंहासन पर विराजमान होकर प्रभु श्रीराम ने किया प्रजा का अवलोकन
रामलीला महोत्सव के अंतर्गत भगवान श्रीराम के नगर भ्रमण और प्रजा अवलोकन की लीला का आयोजन किया गया। इस प्रसंग में भगवान श्रीराम अपने सिंहासन पर विराजमान होकर अयोध्या नगरी का भ्रमण करते हैं और प्रजा से संवाद कर उनका हालचाल जानते हैं।
इस धार्मिक प्रसंग के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श शासन, प्रजा के प्रति उनके प्रेम और लोककल्याण की भावना को दर्शाया गया। रामराज्य की अवधारणा में राजा का अपने नागरिकों के सुख-दुख से परिचित रहना और उनकी समस्याओं को समझना विशेष महत्व रखता है।
नगर भ्रमण के दौरान भगवान श्रीराम के स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
अचल ताल रामलीला मैदान से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा
भगवान श्रीराम की नगर भ्रमण शोभायात्रा अचल ताल स्थित रामलीला मैदान से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौराहों से होकर निकाली गई।
शोभायात्रा का मार्ग अचल ताल रामलीला मैदान से पालीवाल स्कूल, हाथरस अड्डा, गिलहराज जी मंदिर, आर्य समाज रोड, दुबे का पड़ाव तिराहा, कंपनी बाग गांधी पार्क तिराहा, मीरी मल प्याऊ, रेलवे रोड, माल गोदाम तिराहा, पुराना बस स्टैंड और दुबे का पड़ाव चौराहा होते हुए पुनः रामलीला मैदान तक रहा।
नगर भ्रमण के दौरान भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकी और धार्मिक संगीत ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
ऋषभ गर्ग, आकाश अग्रवाल और भव्य अग्रवाल ने किया प्रभु श्रीराम का पूजन
नगर भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व भगवान श्रीराम का विधिवत पूजन किया गया।
इस अवसर पर ऋषभ गर्ग, आकाश अग्रवाल और भव्य अग्रवाल ने प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके बाद श्री रामलीला गौशाला कमेटी के अध्यक्ष विमल अग्रवाल, अन्नू बीड़ी, राजेश गर्ग, डीके अग्रवाल और प्रदीप उपाध्याय ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया।
ढोल-ताशों और 21 कलाकारों के बैंड ने बढ़ाई शोभायात्रा की भव्यता
श्रीराम नगर भ्रमण शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक आकर्षण भी देखने को मिला।
शोभायात्रा में ढोल-ताशों के साथ दो घोड़े और 21 कलाकारों का विशेष बैंड शामिल रहा। बैंड कलाकारों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक धुनों ने वातावरण को राममय बना दिया।
इस दौरान भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों की आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण का भव्य डोला शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा।
पारंपरिक वाद्ययंत्रों और धार्मिक संगीत की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से प्रभावित किया।
‘राम जी की निकली सवारी’ और ‘मेरे घर राम आएंगे’ भजनों पर झूमे भक्त
नगर भ्रमण शोभायात्रा के दौरान बैंड कलाकारों ने भगवान श्रीराम और हनुमान जी की भक्ति से जुड़े अनेक लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुतियां दीं।
इस दौरान ‘राम जी की निकली सवारी’, ‘छम-छम नाचे रे वीर हनुमान’, ‘जरा देर ठहरो राम, तमन्ना यही है’, ‘नगरी हो अयोध्या सी’, ‘मेरे घर राम आएंगे’, ‘पकड़ लो हाथ रघुराई’, ‘आज मुझे राम ने बुलाया है’ और ‘राम नाम के हीरे मोती’ जैसे भजनों की मधुर धुनें सुनाई दीं।
इन भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर कर दिया। धार्मिक संगीत की धुनों पर भक्त झूमते नजर आए और भगवान श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
रामलीला के माध्यम से दिया जा रहा आदर्श जीवन और मर्यादा का संदेश
श्री रामलीला महोत्सव केवल धार्मिक मंचन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण का संदेश भी दिया जा रहा है।
भगवान श्रीराम का नगर भ्रमण और प्रजा अवलोकन प्रसंग इस बात का प्रतीक है कि आदर्श शासक को अपनी प्रजा की परिस्थितियों और आवश्यकताओं से परिचित रहना चाहिए।
रामायण के ऐसे प्रसंग भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की महत्वपूर्ण विरासत माने जाते हैं। रामलीला के आयोजन नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों से परिचित कराने का माध्यम भी हैं।
श्री रामलीला गौशाला कमेटी के पदाधिकारियों की रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर श्री रामलीला गौशाला कमेटी और महोत्सव समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कमेटी अध्यक्ष विमल अग्रवाल, सचिव अरविंद अग्रवाल, कोषाध्यक्ष टीएन मित्तल एडवोकेट, संयोजक अन्नू बीड़ी, ऋषभ गर्ग, विक्रांत गर्ग, संयम पाराशर, आकाश अग्रवाल, सीए पीयूष अग्रवाल, राजेश गर्ग, अर्जुन गोविल, भव्य अग्रवाल, पवन अग्रवाल, प्रदीप उपाध्याय, अभिनव वार्ष्णेय, शिखर अग्रवाल मीरा, शिवम वार्ष्णेय, शोभित अग्रवाल, दिव्यम, डॉ. हर्ष गुप्ता तथा रामलीला एवं महोत्सव समिति के मीडिया प्रभारी कमल अरोड़ा की उपस्थिति रही।
आयोजन में समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा के संग संपन्न हुआ नगर भ्रमण
अलीगढ़ में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव 2026 के अंतर्गत भगवान श्रीराम का नगर भ्रमण धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का विशेष उदाहरण बना।
भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की आकर्षक झांकियों, भरत-शत्रुघ्न के स्वरूपों, ढोल-ताशों और धार्मिक भजनों के साथ निकाली गई शोभायात्रा शहर के निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए पुनः अचल ताल रामलीला मैदान पहुंचकर संपन्न हुई।
श्री रामलीला गौशाला कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय धार्मिक परंपराओं और रामभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।