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Delhi Court Wife Shooting Attempt Case: Man Convicted in 2018 Attack

By aonenewstv | Published: Oct 18, 2026 12:42 PM

दिल्ली: पत्नी को गोली मारकर हत्या की कोशिश करने के मामले में सुशांत दोषी करार, 2018 की घटना पर अदालत का फैसला

उपशीर्षक: कनॉट प्लेस के अस्पताल के बाहर हुई थी वारदात; अदालत ने IPC की धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत ठहराया दोषी

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2018 में कनॉट प्लेस स्थित एक अस्पताल के बाहर अपनी पत्नी को गोली मारकर उसकी हत्या करने की कोशिश करने के मामले में सुशांत नामक व्यक्ति को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने 13 अक्टूबर को इस मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत दोषी ठहराया।

यह मामला पत्नी पर गोली चलाने की गंभीर घटना से जुड़ा है। अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़िता की गवाही के साथ अन्य साक्ष्यों पर भी विचार किया गया। दोष सिद्ध होने के बाद अब मामले में सजा को लेकर आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

अस्पताल के बाहर पत्नी को मारी थी गोली

मामले के अनुसार, वर्ष 2018 में कनॉट प्लेस के एक अस्पताल के बाहर पिंकी पर गोली चलाई गई थी। पिंकी ने अदालत को बताया कि सुशांत जेल से छूटने के करीब डेढ़ महीने बाद शाम के समय अस्पताल आया और उसे बाहर बुलाया।

पीड़िता के मुताबिक, जब वह बाहर आकर ऑटो-रिक्शा में बैठी, तभी सुशांत ने उस पर गोली चला दी। गोली उसके पेट में लगी, जिसके बाद उसे उपचार की जरूरत पड़ी। घटना के संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच के बाद अदालत में सुनवाई हुई।

पीड़िता की गवाही और फॉरेंसिक साक्ष्य अहम

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता की गवाही के अलावा अस्पताल कर्मचारियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्य भी पेश किए।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, अस्पताल के कर्मचारियों की गवाही और सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की अस्पताल में मौजूदगी से जुड़े तथ्य सामने आए। ऑटो-रिक्शा के मालिक ने भी अदालत में गवाही दी। उसने बताया कि घटना वाले दिन उसने आरोपी को ऑटो-रिक्शा दिया था।

बाद में यह वाहन घटनास्थल के पास लावारिस हालत में मिला। वाहन पर खून के निशान पाए गए और फॉरेंसिक जांच में नमूने का मिलान पीड़िता के डीएनए से हुआ। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों पर विचार करने के बाद आरोपी को हत्या की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया।

हत्या की कोशिश और हथियार के इस्तेमाल में दोषी

अदालत ने सुशांत को आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत हथियार के इस्तेमाल का दोषी माना।

हालांकि, अदालत ने उसे आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप से बरी कर दिया। पिस्तौल रखने के संबंध में सीलमपुर थाने में अलग प्राथमिकी दर्ज होने की बात भी सामने आई, जिसकी सुनवाई दूसरी अदालत में लंबित बताई गई।

सजा पर आगे होगी सुनवाई

अदालत के फैसले के बाद अब आरोपी को दी जाने वाली सजा पर सुनवाई की प्रक्रिया बाकी है। दोष सिद्ध होने का अर्थ है कि अदालत ने संबंधित आरोपों को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर साबित माना है, जबकि सजा का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में किया जाएगा।

यह मामला घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों को भी सामने लाता है। अस्पताल के बाहर हुई इस घटना में पीड़िता की गवाही और अन्य साक्ष्यों ने अदालत की कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निष्कर्ष: दिल्ली की अदालत ने वर्ष 2018 में कनॉट प्लेस के अस्पताल के बाहर पत्नी को गोली मारने की कोशिश करने के मामले में सुशांत को हत्या की कोशिश और हथियार के इस्तेमाल का दोषी करार दिया है। अदालत ने पीड़िता की गवाही, अन्य गवाहों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर विचार किया। अब मामले में सजा को लेकर आगे की सुनवाई होगी।

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