📅 Loading Date & Time...
होम > ब्रेकिंग > न्यूज़

CRPF Ranks: 29 साल बाद लौटेंगे लांस नायक और नायक पद

By aonenewstv | Published: Oct 17, 2026 10:58 AM

CRPF में 29 साल बाद लौटेंगे लांस नायक और नायक रैंक, जवानों के प्रमोशन का रास्ता होगा आसान?

उपशीर्षक: CRPF मुख्यालय ने सभी यूनिटों से मांगे सुझाव, सिपाही से पहली पदोन्नति में लग जाते हैं 22 से 25 साल; अग्निवीरों को भी मिल सकता है फायदा

नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में करीब 29 साल बाद लांस नायक और नायक रैंक को दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में CRPF मुख्यालय ने प्रस्ताव तैयार कर सभी यूनिटों से सुझाव मांगे हैं। इस पहल का उद्देश्य जवानों के लिए पदोन्नति के अधिक अवसर उपलब्ध कराना और लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की समस्या को कम करना बताया जा रहा है।

CRPF देश के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है। आंतरिक सुरक्षा, नक्सल विरोधी अभियान, आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती और कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इसकी भूमिका रहती है। ऐसे में जवानों के करियर, पदोन्नति और सेवा संबंधी सुविधाओं में बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साल 1997 में खत्म कर दिए गए थे दोनों रैंक

लांस नायक और नायक रैंक पहले CRPF की पदानुक्रम व्यवस्था का हिस्सा थे। वर्ष 1997 में इन दोनों रैंकों को समाप्त कर दिया गया था और इन्हें सिपाही तथा हेड कांस्टेबल के रैंक में मिला दिया गया था।

इसके बाद जवानों के लिए उपलब्ध पदोन्नति व्यवस्था में इन मध्यवर्ती रैंकों की भूमिका खत्म हो गई। अब करीब तीन दशक बाद इन्हें फिर से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।

प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय होने से पहले विभिन्न यूनिटों से सुझाव मांगे गए हैं। इन सुझावों के आधार पर रैंक की व्यवस्था, पदोन्नति के नियम और इससे संबंधित अन्य पहलुओं पर आगे निर्णय लिया जा सकता है।

सिपाही से पहली पदोन्नति में लग जाते हैं 22 से 25 साल

CRPF में जवानों के सामने लंबे समय से पदोन्नति में देरी एक बड़ी चुनौती रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, एक सिपाही को पहली पदोन्नति मिलने में औसतन 22 से 25 साल तक लग जाते हैं।

लंबे समय तक एक ही रैंक पर रहने से जवानों के करियर में आगे बढ़ने के अवसर सीमित हो सकते हैं। इसके अलावा, पदोन्नति में देरी का असर जिम्मेदारियों, सेवा से जुड़ी अपेक्षाओं और करियर संतुष्टि पर भी पड़ सकता है।

लांस नायक और नायक जैसे रैंक दोबारा शुरू किए जाने से पदोन्नति के लिए अतिरिक्त स्तर उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, इससे जवानों को कितने समय में प्रमोशन मिलेगा, यह नए नियमों, पात्रता, उपलब्ध पदों और विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

करीब 3.25 लाख जवानों वाले बल में बदलाव की तैयारी

CRPF में करीब 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं। इतने बड़े बल में पदोन्नति व्यवस्था में बदलाव करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत योजना की जरूरत होगी।

मुख्यालय की ओर से प्रस्ताव पर यूनिटों की राय मांगे जाने को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। सुझाव मिलने के बाद यह तय किया जा सकेगा कि दोनों रैंक किस तरह लागू किए जाएं, किन पदों पर नियुक्तियां हों और पदोन्नति के लिए कौन-से मानदंड निर्धारित किए जाएं।

इस बदलाव का उद्देश्य केवल रैंक के नाम बहाल करना नहीं, बल्कि जवानों के करियर में आगे बढ़ने के अवसरों को बेहतर बनाना भी हो सकता है। हालांकि, अंतिम व्यवस्था और उसके प्रभावों की जानकारी आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

अग्निवीरों के लिए भी खुल सकते हैं अवसर

CRPF में रैंक व्यवस्था को फिर से शुरू करने की तैयारी को अग्निपथ योजना के तहत सेना में सेवा देने वाले अग्निवीरों के भविष्य के रोजगार अवसरों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती की जाती है। चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा में बनाए रखने की गारंटी नहीं होती। ऐसे में सेवा पूरी कर बाहर आने वाले युवाओं के लिए अन्य सुरक्षा बलों में रोजगार के अवसर महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

CRPF में पदोन्नति और रैंक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने से भविष्य में भर्ती तथा करियर से संबंधित संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि, लांस नायक और नायक रैंक बहाल करने का प्रस्ताव अपने आप में अग्निवीरों के लिए किसी नई भर्ती या आरक्षण की पुष्टि नहीं करता। इसके लिए अलग से लागू नियमों और आधिकारिक घोषणाओं को देखना होगा।

प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अभी बाकी

CRPF में लांस नायक और नायक रैंक की बहाली का प्रस्ताव जवानों की पदोन्नति व्यवस्था में संभावित बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। करीब 29 साल बाद इन रैंकों को वापस लाने की तैयारी से जवानों के करियर में अतिरिक्त अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

फिलहाल, मुख्यालय ने सभी यूनिटों से सुझाव मांगे हैं। प्रस्ताव को लागू करने, पदोन्नति के मानदंड तय करने और नई व्यवस्था की समयसीमा को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो CRPF के जवानों की रैंक संरचना में बदलाव हो सकता है। हालांकि, पदोन्नति में वास्तविक तेजी कितनी आएगी और अग्निवीरों को इससे किस तरह लाभ मिलेगा, यह अंतिम नियमों और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

Scroll to Top