नई दिल्ली/अलवर। दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले रेलवे और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रदर्शन को देखते हुए कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन रद्द कर दिया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश के इटारसी में पुलिस ने 15 CJP सदस्यों को हिरासत में लिया। राजस्थान के अलवर जिले में संगठन के सह-प्रभारी दीपक बालियान के घर पुलिस पहुंचने के बाद हिरासत को लेकर विवाद खड़ा हो गया। CJP ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि अलवर पुलिस ने हिरासत में लेने के आरोपों से इनकार किया है।
दिल्ली जाने वाली 6 प्रमुख ट्रेनें रद्द
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन रद्द किया गया है। पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल की जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर को पटना और बनारस से दिल्ली आने वाली छह प्रमुख ट्रेनें निरस्त रहीं।
रद्द की गई ट्रेनों में राजेंद्र नगर-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, इस्लामपुर-नई दिल्ली मगध एक्सप्रेस और राजेंद्र नगर-नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा बनारस-नई दिल्ली शिवगंगा एक्सप्रेस और बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन भी रद्द किया गया।
इस फैसले से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई। यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से करने की सलाह दी गई है।
इटारसी जंक्शन पर 15 CJP सदस्य हिरासत में
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी जंक्शन पर पुलिस ने गोवा एक्सप्रेस में सवार CJP के 15 सदस्यों को हिरासत में लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि पार्टी के सदस्य ट्रेन से दिल्ली जा रहे हैं।
ट्रेन के इटारसी स्टेशन पर पहुंचने के बाद पुलिस ने जनरल कोच में जांच की और 15 सदस्यों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने स्टेशन और ट्रेन में विरोध जताया। बाद में पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
यह कार्रवाई दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले की गई, जिसमें CJP ने बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने का आह्वान किया था।
अलवर में दीपक बालियान के घर पहुंची पुलिस
राजस्थान के अलवर जिले के कठूमर थाना क्षेत्र के मानखेड़ा गांव में CJP के संगठन सह-प्रभारी दीपक बालियान के आवास पर पुलिस पहुंची। इस घटनाक्रम को लेकर पार्टी नेताओं और पुलिस के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस दीपक बालियान को उनके घर से ले गई और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर इस मामले को उठाया। पार्टी की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि दीपक बालियान के परिवार को परेशान किया गया।
वहीं, अलवर पुलिस ने दीपक को हिरासत में लेने के आरोपों से इनकार किया। पुलिस के अनुसार, दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन और लागू प्रतिबंधों को देखते हुए उन्हें समझाइश दी गई तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 172(2) के तहत पाबंद किया गया। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल जांच के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन
CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर विरोध जता रहा है। पार्टी की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
CJP का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटने और उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ने की आशंका है। संगठन इस मुद्दे को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
हालांकि, मतदाता सूची में नामों को लेकर उठाए गए आरोपों और उनके प्रभाव पर संबंधित आधिकारिक आंकड़ों तथा निर्वाचन आयोग के पक्ष को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए पुलिस की अनुमति नहीं दी गई है और निषेधात्मक आदेश लागू हैं। पुलिस ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा बिना अनुमति जुटान से बचने की अपील की है।
CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने कहा है कि संगठन प्रतिबंधों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद अपना प्रस्तावित प्रदर्शन जारी रखने के पक्ष में है। ऐसे में 10 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम पर पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर CJP पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं पुलिस कानून-व्यवस्था और प्रतिबंधों का हवाला दे रही है। प्रदर्शन के दिन सुरक्षा व्यवस्था, रेल यातायात और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।