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अवैध बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई: 20 साल से भारत में रह रहा शख्स और 2 महिलाएं पकड़ी गईं

By aonenewstv | Published: Oct 07, 2026 12:58 PM

अवैध बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई, 20 साल से भारत में रह रहा शख्स और दो महिलाएं पकड़ी गईं

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल, उत्तर-पश्चिम जिला ने अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, एक व्यक्ति पिछले करीब 20 वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रहा था, जबकि एक अलग अभियान में दो बांग्लादेशी महिलाओं को पकड़ा गया। तीनों के पास वैध यात्रा या पहचान दस्तावेज नहीं मिले। दिल्ली पुलिस पहले भी अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उन्हें FRRO के माध्यम से निर्वासित करने की कार्रवाई करती रही है।

छह महीने की जांच के बाद पकड़ा गया आरोपी

पुलिस के मुताबिक, करीब छह महीने तक चली जांच और फॉलो-अप कार्रवाई के बाद फॉरेनर सेल की टीम ने एन.एस. मंडी, थाना महेंद्र पार्क के पास से सलीम लाल चौधरी, पुत्र तुलसी लाल चौधरी, उम्र 44 वर्ष, को पकड़ा। पुलिस के अनुसार वह बांग्लादेश के नारायणगंज स्थित नगर पालिका कॉलोनी बंशाल का रहने वाला है और अवैध रूप से भारत में रह रहा था।

तलाशी के दौरान उसके पास से एक स्मार्टफोन बरामद हुआ, जिसमें प्रतिबंधित IMO एप्लिकेशन इंस्टॉल था। इसके अलावा उसके पास से बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र भी मिला।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी कथित तौर पर करीब 20 वर्षों से भारत में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, अपनी पहचान छिपाने और जांच एजेंसियों से बचने के लिए वह महिला के छद्म वेश का इस्तेमाल करता था।

दो बांग्लादेशी महिलाओं को भी पकड़ा

फॉरेनर सेल ने 5 अक्टूबर 2026 को चलाए गए एक अलग अभियान में एन.एस. मंडी, थाना महेंद्र पार्क के पास से दो बांग्लादेशी महिलाओं को पकड़ा।

पुलिस के अनुसार, उनकी पहचान रत्ना बेगम उर्फ रितु, उम्र 41 वर्ष, और रेशमा, उम्र 47 वर्ष, के रूप में हुई। दोनों के पते बांग्लादेश के ढाका स्थित नारायणगंज जिले से जुड़े बताए गए हैं।

पुलिस ने दोनों से पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की। लगातार पूछताछ और जांच के बाद पुलिस के अनुसार यह पुष्टि हुई कि दोनों बांग्लादेशी नागरिक हैं और पिछले करीब चार वर्षों से बिना वैध यात्रा दस्तावेज या पहचान पत्र के भारत में रह रही थीं।

मोबाइल में मिला IMO एप और बांग्लादेशी दस्तावेज

दोनों महिलाओं के पास से दो स्मार्टफोन बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, दोनों फोन में IMO एप्लिकेशन इंस्टॉल था। मोबाइल फोन की गैलरी की जांच में बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान से संबंधित दस्तावेज भी मिले।

पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों को जांच का हिस्सा बनाया है। इससे आरोपियों की पहचान और भारत में उनके रहने की अवधि से जुड़ी जानकारी को सत्यापित किया गया।

दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल इससे पहले भी महेंद्र पार्क इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है।

FRRO के सामने पेशी, निर्वासन की प्रक्रिया शुरू

पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाओं को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उनके खिलाफ कानून के तहत निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

दिल्ली में अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान, सत्यापन और निर्वासन की कार्रवाई के दौरान FRRO की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। पुलिस की ओर से पहले भी ऐसे मामलों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों को FRRO के हवाले किए जाने के बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत देश वापस भेजा गया है।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य तथ्यों और भारत में उनके संपर्कों की जानकारी जुटाने के लिए जांच कर रही है।

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