बैरियाट्रिक सर्जरी के बाद बढ़ीं अपूर्वा प्रकाश मुखर्जी की मुश्किलें, दर्दभरी आपबीती साझा कर लोगों को दी सलाह
मोटापा कम करने के लिए कराई गई सर्जरी के बाद कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। अपूर्वा प्रकाश मुखर्जी ने अपनी बैरियाट्रिक सर्जरी और उसके बाद की मुश्किलों के बारे में खुलकर बताया है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वजन घटाने के लिए इस तरह की सर्जरी का फैसला जल्दबाजी में न लें और इसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझें।
17 जुलाई को कराई थी बैरियाट्रिक सर्जरी
मोटापा आज के समय में एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। वजन कम करने के लिए लोग डाइट, एक्सरसाइज और दूसरी कोशिशों के साथ-साथ बैरियाट्रिक सर्जरी जैसे मेडिकल विकल्प भी अपनाते हैं। इसी साल 17 जुलाई को अपूर्वा प्रकाश मुखर्जी ने बैरियाट्रिक सर्जरी कराई थी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सर्जरी के बाद उन्हें कई परेशानियों से गुजरना पड़ा।
अपूर्वा के मुताबिक, वजन घटाने के लिए उन्होंने पहले भी कई तरीके अपनाए थे, लेकिन उन्हें लंबे समय तक मनचाहा परिणाम नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने साल 2025 में भी वजन कम करने की कोशिश की थी और रोजाना करीब 10 हजार कदम चलती थीं। इसके अलावा उन्होंने डाइट पर भी ध्यान दिया। हालांकि, उनके अनुभव के अनुसार, जब उनका वजन कुछ कम होने लगता था, तो बाद में दोबारा बढ़ जाता था।
क्या होती है बैरियाट्रिक सर्जरी?
बैरियाट्रिक सर्जरी मोटापे के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सर्जरी का एक समूह है। इसका उद्देश्य पेट की क्षमता या पाचन तंत्र में बदलाव करके वजन कम करने में मदद करना होता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त विकल्प नहीं है। सर्जरी की जरूरत और उसका प्रकार व्यक्ति के वजन, स्वास्थ्य, पहले से मौजूद बीमारियों और मेडिकल जांच के आधार पर तय किया जाता है।
इस सर्जरी के अलग-अलग प्रकार होते हैं। इनमें स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी और गैस्ट्रिक बाईपास जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। किस मरीज के लिए कौन-सी प्रक्रिया बेहतर होगी, इसका फैसला विशेषज्ञ डॉक्टर मरीज की स्थिति का आकलन करने के बाद करते हैं।
सर्जरी के बाद शुरू हुईं परेशानियां
अपूर्वा प्रकाश मुखर्जी ने बताया कि सर्जरी के बाद उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, ऑपरेशन के शुरुआती दिनों में ही उन्हें लूज मोशन की समस्या शुरू हो गई, जिसके कारण डायरिया जैसी परेशानी हुई।
सर्जरी के बाद हर मरीज का अनुभव एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों को अपेक्षाकृत आसानी से रिकवरी हो जाती है, जबकि कुछ को पाचन संबंधी समस्याओं, पोषण की कमी या दूसरी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए ऑपरेशन से पहले संभावित जोखिमों, रिकवरी की प्रक्रिया और लंबे समय तक जरूरी सावधानियों के बारे में डॉक्टर से विस्तार से जानकारी लेना महत्वपूर्ण है।
अपूर्वा ने लोगों को क्या सलाह दी?
अपने अनुभव के आधार पर अपूर्वा ने लोगों से अपील की कि वे केवल तेजी से वजन घटाने की उम्मीद में बैरियाट्रिक सर्जरी का फैसला न लें। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से जुड़े संभावित जोखिमों और मुश्किलों को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, किसी भी बड़े मेडिकल फैसले से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए।
हालांकि, किसी एक मरीज का अनुभव यह साबित नहीं करता कि बैरियाट्रिक सर्जरी सभी लोगों के लिए नुकसानदायक है। गंभीर मोटापे से जूझ रहे कुछ मरीजों के लिए यह प्रभावी उपचार विकल्प हो सकती है। इसका लाभ और जोखिम हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
सर्जरी से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
बैरियाट्रिक सर्जरी कराने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। मरीज को सर्जरी के संभावित फायदे, जोखिम, रिकवरी में लगने वाला समय और लंबे समय तक खानपान में होने वाले बदलावों की जानकारी होनी चाहिए। ऑपरेशन के बाद नियमित मेडिकल फॉलोअप, संतुलित पोषण और डॉक्टर की सलाह का पालन भी जरूरी होता है।
यदि सर्जरी के बाद लगातार डायरिया, उल्टी, तेज पेट दर्द, बुखार या पानी की कमी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अपूर्वा प्रकाश मुखर्जी की आपबीती वजन घटाने के लिए सर्जरी पर विचार कर रहे लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण याद दिलाती है कि किसी भी उपचार का फैसला व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति, विशेषज्ञ की सलाह और संभावित जोखिमों को समझने के बाद ही लेना चाहिए।