औरैया में बेटी की हत्या का खुलासा, पिता और रिश्तेदार गिरफ्तार; जंगल में गड्ढा खोदकर दफनाया था शव
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में बेला थाना क्षेत्र के ग्राम दलपपुर के पास वन विभाग की जमीन पर गड्ढे में दफन मिली युवती की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में युवती के पिता चंद्रप्रकाश उर्फ भगवान दीन और उसके रिश्तेदार दीपक उर्फ दीपांशु को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और एक फावड़ा भी बरामद किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
20 सितंबर को गड्ढे में दबा मिला था युवती का शव
पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 को ग्राम प्रधान ऊसराहा ने बेला थाना पुलिस को फोन के माध्यम से सूचना दी थी कि ग्राम दलपपुर मोड़ के पास वन विभाग की जमीन पर सड़क से करीब 50 मीटर अंदर बबूल के पेड़ों के बीच एक अज्ञात महिला का शव जमीन में गड़ा हुआ है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गड्ढे से शव निकलवाया। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और पंचायतनामा की कार्रवाई के बाद शव को चिचौली स्थित मोर्चरी हाउस भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने शव की पहचान करने के लिए प्रयास शुरू किए। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई।
सोशल मीडिया से हुई शव की पहचान
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर शव की तस्वीर सामने आने के बाद कन्नौज जिले के कोतवाली क्षेत्र के कपूरापुर निवासी रजत कुमार ने युवती की पहचान अपनी बहन के रूप में की। इसके बाद उसने बेला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में रजत कुमार ने बताया कि 9 सितंबर 2026 को उसके पिता ने उससे कहा था कि वह उसकी बहन को लेकर दिल्ली जा रहे हैं। इस पर रजत अपने पिता और बहन को मोटरसाइकिल से बेला छोड़ने आया था। तिर्वा रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पास उसे उसकी बुआ का बेटा दीपक मिला।
रजत के मुताबिक, उसके पिता ने रात होने का हवाला देते हुए उसे वापस घर भेज दिया और कहा कि वह दीपक के साथ उसकी बहन को लेकर बेला चले जाएंगे। बाद में सोशल मीडिया पर शव की तस्वीर देखकर रजत को अपनी बहन की पहचान हुई।
पिता ने फोन पर हत्या की बात बताई
शिकायत के अनुसार, रजत ने जब अपने पिता से फोन पर इस बारे में पूछा तो उन्होंने कथित तौर पर दीपक के साथ मिलकर 9 सितंबर को युवती की हत्या करने और शव को दलपपुर गांव के पास जंगल में गड्ढा खोदकर छिपाने की बात बताई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पिता की धमकी के कारण वह डर गया था और तत्काल पुलिस को सूचना नहीं दे सका।
रजत की तहरीर के आधार पर बेला थाने में मुकदमा संख्या 175/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238(a) में चंद्रप्रकाश और दीपक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताई यह वजह
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, पूछताछ में आरोपी चंद्रप्रकाश ने बताया कि वह दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम करता है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि उसकी बेटी बिना बताए घर से चली जाती थी, जिससे उसे समाज में अपमान महसूस होता था। इसी बात को लेकर गुस्से में उसने और दीपक ने कथित तौर पर योजना बनाकर युवती की हत्या की और वन विभाग के जंगल में फावड़े से गड्ढा खोदकर शव छिपा दिया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
कैथावा मोड़ से दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कैथावा मोड़ से सुबह करीब 8:15 बजे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 61(2) भी बढ़ाई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंद्रप्रकाश उर्फ भगवान दीन, उम्र 48 वर्ष, निवासी कपूरापुर, थाना कोतवाली, जिला कन्नौज और दीपक उर्फ दीपांशु, उम्र 25 वर्ष, निवासी दलपपुर, थाना बेला, जिला औरैया के रूप में हुई है।
मोटरसाइकिल और फावड़ा बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और एक फावड़ा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है।
इन पुलिसकर्मियों की टीम ने की कार्रवाई
इस मामले का खुलासा बेला थाना प्रभारी निरीक्षक अमर बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने किया। टीम में मुख्य आरक्षी अमित कुमार, आरक्षी अंकुश कुमार, अनिल जुरैल, विशाल तंवर और महिला आरक्षी पिंकी शामिल रहीं।
पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।