मैनपुरी बीएसए सख्त, विकास कार्यों में लापरवाही पर प्रधानाध्यापकों को प्रगति सुधारने के निर्देश
मैनपुरी। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से संचालित विभिन्न कार्यक्रमों में जनपद की प्रगति न्यून पाए जाने पर मैनपुरी बीएसए ने नाराजगी जताई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को विकास एवं विभागीय कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा में मैनपुरी जिले की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। विभिन्न वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और समीक्षा बैठकों में भी जनपद की रैंकिंग अपेक्षाकृत कम रहने पर अधिकारियों ने सुधार के निर्देश दिए हैं।
कई योजनाओं की प्रगति बढ़ाने के निर्देश
बीएसए ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग, प्रशस्त 2.0 ऐप डाउनलोड, ई-गोट कम्युनिटी, विद्याजली पोर्टल पर फीडिंग और नशा मुक्ति अभियान समेत कई कार्यक्रमों की प्रगति बढ़ाने को कहा है। इसके अलावा यू-डाइस ड्रॉपबॉक्स से इम्पोर्ट, लर्निंग टूल्स को ई-पाठशाला पोर्टल पर अपलोड करने और आउट ऑफ स्कूल बच्चों के नामांकन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति और शैक्षिक मूल्यांकन की स्थिति सुधारने के साथ ही डीबीटीसी के तहत प्रेरणा पोर्टल पर नामांकन और निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकों की प्रेरणा पोर्टल पर फीडिंग का कार्य भी समय से पूरा करने को कहा गया है।
निपुण लक्ष्य और प्री-प्राइमरी के कार्य भी शामिल
निर्देशों में प्रत्येक विद्यालय में निपुण लक्ष्य की ए-2 साइज में प्रिंटिंग कराने को भी कहा गया है। इसके साथ ही ईको क्लब फॉर मिशन लाइफ के तहत आउटडोर क्रय, परिषदीय और मॉडल विद्यालयों में नोटिफिकेशन अपडेट कराने तथा प्री-प्राइमरी के तहत प्राप्त सामग्री की पोर्टल पर स्कैनिंग जैसे कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने संबंधित अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को इन सभी कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए प्रगति सुनिश्चित कराने को कहा है।
7 अक्टूबर तक विकासखंड स्तर पर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी विकासखंडों के संबंधित अधिकारियों एवं प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है कि 7 अक्टूबर 2026 तक विकासखंड स्तर पर सभी कार्यक्रमों की प्रगति सुनिश्चित कराई जाए।
पत्र में साफ कहा गया है कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। निर्धारित समय सीमा के बावजूद यदि संबंधित कार्यक्रमों में संतोषजनक प्रगति नहीं मिलती है तो जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए के सख्त रुख के बाद बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों के स्तर पर लंबित कार्यों को समय से पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।