स्वामी प्रसाद मौर्य ने ताजीन फातिमा से की मुलाकात, यूपी की सियासत में बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्व मंत्री और सपा के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य रविवार को रामपुर पहुंचे, जहां उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी डॉ. ताजीन फातिमा से मुलाकात की। इस मुलाकात को यूपी की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्वामी प्रसाद मौर्य पहले समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं। पार्टी में उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने सपा से अलग होकर अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई थी। ऐसे में उनका आजम खान के परिवार से मिलना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
ताजीन फातिमा से मुलाकात के बाद क्या बोले मौर्य?
मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि वह सिर्फ डॉ. ताजीन फातिमा से मिलने के लिए रामपुर आए थे। उन्होंने ताजीन फातिमा के राजनीतिक और सामाजिक योगदान का भी उल्लेख किया। मौर्य के मुताबिक, ताजीन फातिमा विधायक, सांसद और प्रोफेसर रह चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि वह इस दुख की घड़ी में आजम खान के परिवार के साथ खड़े हैं। हालांकि, इस मुलाकात को किसी राजनीतिक गठजोड़ या पार्टी में शामिल होने की तैयारी से जोड़ने पर मौर्य ने ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की।
सपा और आजम खान के बीच खींचतान
स्वामी प्रसाद मौर्य की रामपुर यात्रा ऐसे समय हुई है, जब समाजवादी पार्टी के नेतृत्व और आजम खान के बीच राजनीतिक दूरी को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। कुछ समय पहले ताजीन फातिमा के बयानों के बाद भी सियासी हलकों में हलचल देखने को मिली थी।
आजम खान लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रभावशाली मुस्लिम नेता के तौर पर पहचाने जाते रहे हैं। रामपुर में उनका मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। ऐसे में आजम खान परिवार से किसी बड़े नेता की मुलाकात को लेकर राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद चर्चा तेज
स्वामी प्रसाद मौर्य की हालिया राजनीतिक गतिविधियों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी मुलाकात भी चर्चा में रही है। मौर्य पहले ही INDIA गठबंधन और राहुल गांधी को लेकर सकारात्मक बयान दे चुके हैं। ऐसे में रामपुर में ताजीन फातिमा से मुलाकात के बाद यूपी की सियासत में नए समीकरणों को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
हालांकि, मौर्य ने स्पष्ट किया कि उनकी रामपुर यात्रा का मकसद केवल ताजीन फातिमा से मुलाकात करना था। उन्होंने किसी नई पार्टी में जाने या किसी राजनीतिक गठजोड़ की घोषणा नहीं की।
2027 चुनाव से पहले बढ़ रही सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों और नेताओं की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। सपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के बीच संभावित गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं।
ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य का आजम खान के परिवार से मिलना आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में किसी नए समीकरण का संकेत है या सिर्फ व्यक्तिगत मुलाकात, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।