जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित कलाम एकेडमी में एक छात्र की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग सेंटर के बाहर जमा हो गए और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले को बढ़ता देख पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया।
पर्ची को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, घटना 2 अक्टूबर को जयपुर के गोपालपुरा बाईपास स्थित कलाम एकेडमी के सेंटर में हुई। क्लास के दौरान एक पर्ची को लेकर शिक्षक प्रवीण दान चारण नाराज हो गए। पर्ची पर कथित तौर पर ‘कलाम बलिदान मांगता है’ लिखा था।
बताया गया कि गांधी जयंती के मौके पर महात्मा गांधी के त्याग और बलिदान की चर्चा के दौरान यह पर्ची सामने आई थी। छात्र का कहना था कि उसने इसे मजाकिया अंदाज में आगे बढ़ाया था। इसके बाद शिक्षक ने छात्र को सामने बुलाया और उसके साथ मारपीट की।
16 सेकंड के वीडियो में 7 थप्पड़
घटना के दौरान क्लास में मौजूद कुछ छात्रों ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो की अवधि करीब 16 सेकंड बताई जा रही है। इसमें शिक्षक छात्र को लगातार कई थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं। दूसरे वीडियो में शिक्षक छात्र को पैर से मारकर क्लास से बाहर निकालते दिखाई देते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में छात्र एकेडमी के बाहर पहुंच गए और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस तैनात
रविवार को छात्र कोचिंग सेंटर के बाहर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालात तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई और अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी हुआ।
छात्रों का कहना है कि किसी भी स्थिति में शिक्षक को छात्र के साथ इस तरह मारपीट करने का अधिकार नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ केवल संस्थागत कार्रवाई नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई की भी मांग उठाई।
शिक्षक को एकेडमी से निकाला गया
वीडियो सामने आने के बाद कलाम एकेडमी प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक प्रवीण दान चारण को तत्काल प्रभाव से संस्थान से निष्कासित कर दिया। एकेडमी ने अपने संदेश में कहा कि किसी विद्यार्थी के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। संस्थान ने घटना पर खेद जताते हुए छात्र और उसके परिवार के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों व अभिभावकों से भी माफी मांगी।
एकेडमी प्रबंधन ने यह भी कहा कि विद्यार्थी केवल रोल नंबर या बैच का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि संस्थान के परिवार का हिस्सा हैं और उनके सम्मान व आत्मसम्मान से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई पर उठे सवाल
शिक्षक को संस्थान से निकाल दिए जाने के बावजूद मामले में कानूनी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, घटना के शुरुआती चरण में पीड़ित छात्र की ओर से पुलिस में शिकायत नहीं दी गई थी, जिसके चलते आरोपी शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का मामला आगे नहीं बढ़ सका।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान छात्रों और अन्य लोगों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की। मामले में आगे शिकायत और पुलिस जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
छात्रों ने मांगी सार्वजनिक माफी
विरोध कर रहे छात्रों की मांग है कि आरोपी शिक्षक को केवल एकेडमी से हटाना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि छात्र के साथ सार्वजनिक रूप से जिस तरह व्यवहार किया गया, उसके लिए शिक्षक को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों में छात्रों के साथ अनुशासन और व्यवहार के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल वायरल वीडियो के बाद मामला चर्चा में है और पुलिस तथा संस्थान की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।