जयपुर। आमेर किले तक पर्यटकों को ले जाने वाली जीपों का संचालन दोबारा शुरू होते ही जयपुर के आमेर इलाके में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया। टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की हत्या के करीब एक महीने बाद जीपें फिर सड़कों पर उतरीं तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने बाजार बंद कराया और सड़कों पर उतरकर जीप संचालन बंद करने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मनीष सोनी की हत्या के बाद जीप संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान किए बिना जीपों का संचालन दोबारा शुरू करना उचित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और बिना अनुमति या अनधिकृत तरीके से संचालित होने वाली जीपों पर कार्रवाई की जाए।
मनीष सोनी की पत्नी ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
विरोध प्रदर्शन के दौरान मृतक टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की पत्नी पूनम सोनी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके पति के साथ जो घटना हुई, वैसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। परिवार की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और जीप संचालन को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की।
पूनम सोनी का आरोप है कि कुछ जीप संचालकों की ओर से उन्हें धमकियां भी दी जा रही हैं और पुलिस की तरफ से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। स्थानीय लोग भी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करने की बात कह रहे हैं।
कैसे हुई थी मनीष सोनी की हत्या?
मनीष सोनी की हत्या का मामला 7 सितंबर को सामने आया था। पुलिस के मुताबिक आमेर में पर्यटकों को ले जाने को लेकर जीप चालक और टूरिस्ट गाइड के बीच विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद चाकूबाजी की घटना हुई, जिसमें मनीष सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 8 सितंबर की सुबह उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी जीप चालक आजम खान को गिरफ्तार किया था।
घटना के बाद आमेर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। बाजार बंद रहे और लोगों ने सड़क पर उतरकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
जीप संचालकों का भी अपना पक्ष
वहीं दूसरी ओर जीप संचालक और उनके परिवार भी संचालन बंद रहने से परेशान हैं। उनका कहना है कि हत्या की घटना के बाद करीब एक महीने से अधिक समय तक जीपों का संचालन बंद रहा, जिससे उनकी आय पूरी तरह प्रभावित हुई।
जीप संचालकों का कहना है कि उनके परिवारों का खर्च इसी काम से चलता है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन, बिजली के बिल और अन्य जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। पर्यटन सीजन शुरू होने के बीच जीप संचालन बंद रहने से उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हुई है। इसी वजह से उन्होंने जीप संचालन दोबारा शुरू करने की मांग की थी।
प्रशासन के सामने सुरक्षा और रोजगार की चुनौती
जीप संचालन दोबारा शुरू होने के बाद आमेर में दो पक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक ओर मनीष सोनी का परिवार और स्थानीय लोग सुरक्षा की गारंटी और अनधिकृत जीप संचालन पर रोक की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जीप चालक अपने रोजगार को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
जीप संचालकों की ओर से पर्यटन विभाग, पुरातत्व विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर समाधान निकालने की मांग की गई है। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ जीप संचालन को व्यवस्थित तरीके से जारी रखा जा सकता है।
मुआवजे और अन्य मांगों पर भी नजर
मनीष सोनी की हत्या के बाद उनके परिवार की ओर से आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और डेयरी बूथ सहित कई मांगें प्रशासन के सामने रखी गई थीं। बाद में परिवार और प्रशासन के बीच आर्थिक सहायता सहित कुछ मांगों पर सहमति बनी थी। परिवार अब इन फैसलों के पूरी तरह लागू होने का इंतजार कर रहा है।
आमेर किला जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और यहां आने वाले पर्यटकों से बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। ऐसे में जीप संचालन का विवाद केवल एक परिवहन व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सुरक्षा, रोजगार और पर्यटन कारोबार तीनों पहलू शामिल हो गए हैं।
फिलहाल प्रशासन के सामने चुनौती है कि मनीष सोनी के परिवार और स्थानीय लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के साथ जीप संचालकों की रोजी-रोटी का भी समाधान निकाला जाए। आमेर में जीपें किन नियमों और सुरक्षा इंतजामों के साथ चलेंगी, इस पर अब प्रशासन के अगले कदम पर सबकी नजर है।