पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार ने कचरा बीन रहे बच्चे को रोका, स्कूल में कराया दाखिले का इंतजाम
बिहार के पूर्णिया में जिलाधिकारी अंशुल कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। दालकोला चेकपोस्ट के निरीक्षण के लिए जाते समय डीएम की नजर सड़क किनारे कचरा बीन रहे एक बच्चे पर पड़ी। उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और बच्चे से बातचीत की। जब बच्चे ने बताया कि वह स्कूल नहीं जाता, तो डीएम ने अधिकारियों को उसका स्कूल में दाखिला कराने के निर्देश दिए।
सड़क किनारे बोरा लेकर कचरा बीन रहा था बच्चा
बताया गया कि डीएम अंशुल कुमार दालकोला चेकपोस्ट के निरीक्षण के लिए जा रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे एक बच्चा बोरा लेकर कचरे में कुछ तलाशता दिखाई दिया। डीएम ने गाड़ी रुकवाई और बच्चे को अपने पास बुलाकर पूछा कि वह स्कूल जाता है या नहीं।
बच्चे ने बताया कि वह स्कूल नहीं जाता। इसके बाद डीएम ने उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और साथ मौजूद अधिकारियों से उसके स्कूल में दाखिले की व्यवस्था करने को कहा।
बच्चे का नाम मोहम्मद इमरान
रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे का नाम मोहम्मद इमरान है और वह पूर्णिया के बायसी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। जिस समय डीएम ने उसे देखा, वह सड़क किनारे कचरा बीन रहा था।
इमरान की स्थिति सामने आने के बाद डीएम ने उसकी पढ़ाई को लेकर अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से बच्चे को स्कूल से जोड़ने की पहल की गई है।
डीएम ने बच्चे को दिया बिस्किट का पैकेट
वीडियो में डीएम बच्चे से बातचीत करते हुए नजर आते हैं। बातचीत के बाद उन्होंने बच्चे को बिस्किट का पैकेट भी दिया। Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार, डीएम अंशुल कुमार जब क्षेत्र के दौरे पर निकलते हैं तो उनकी गाड़ी में बिस्किट के पैकेट रहते हैं और रास्ते में बच्चों से मुलाकात होने पर वे उन्हें देते हैं।
19 सेकंड का वीडियो चर्चा में
डीएम और बच्चे की बातचीत का करीब 19 सेकंड का वीडियो सामने आया है। वीडियो में सड़क किनारे बोरा लिए खड़ा बच्चा और सरकारी वाहन में मौजूद डीएम दिखाई देते हैं। डीएम बच्चे से उसकी पढ़ाई के बारे में पूछते हैं और फिर अधिकारियों को उसके दाखिले की व्यवस्था करने के निर्देश देते हैं।
पूर्णिया जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर अंशुल कुमार को वर्तमान में पूर्णिया का जिलाधिकारी बताया गया है।
पढ़ाई से जोड़ने की कोशिश
स्कूल जाने की उम्र में कचरा बीनते मिले इमरान को पढ़ाई से जोड़ने की यह पहल वीडियो सामने आने के बाद चर्चा में है। डीएम के निर्देश के बाद अब प्रशासन के सामने बच्चे के स्कूल में दाखिले और उसकी पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।
यह घटना इस बात की ओर भी ध्यान खींचती है कि कई बच्चे आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण स्कूल से दूर रह जाते हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना प्रशासन और समाज दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।