आकाश आनंद का मायावती को खुला पत्र, बोले- किसी दूसरे दल में नहीं जा रहा, मेरी चुप्पी को गलत समझा गया
बहुजन समाज पार्टी (BSP) से निकाले जाने के बाद आकाश आनंद ने पार्टी प्रमुख मायावती को खुला पत्र लिखकर अपने बारे में चल रही अटकलों पर सफाई दी है। 2 अक्टूबर 2026 को सामने आए इस पत्र में आकाश आनंद ने कहा कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और ‘बुआ मां’ बताते हुए कहा कि राजनीति में उन्होंने जो कुछ सीखा है, उनके मार्गदर्शन में ही सीखा है।
‘BSP सिर्फ पार्टी नहीं, मेरा परिवार है’
आकाश आनंद ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया पर उनके बारे में कई तरह की खबरें और अफवाहें चल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि उनका परिवार है।
उन्होंने कहा कि वह अपनी बात सीधे मायावती और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहते हैं। आकाश के मुताबिक, उनके किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने की खबरें सही नहीं हैं और वह न आज और न भविष्य में किसी दूसरे दल में जाने की योजना रखते हैं।
मायावती के फैसले का किया समर्थन
अपने पत्र में आकाश आनंद ने अशोक सिद्धार्थ को लेकर मायावती के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने और उनके राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को वह पूरी तरह उचित मानते हैं।
आकाश ने लिखा कि व्यक्तिगत और पारिवारिक रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन पार्टी और आंदोलन का हित उनसे बड़ा है। उन्होंने मायावती के फैसले के साथ खड़े होने की बात कही।
‘मेरी चुप्पी को गलत समझा गया’
आकाश आनंद ने अपनी चुप्पी को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने खुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था। इसी वजह से वह मायावती की सोशल मीडिया पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाए।
उन्होंने कहा कि उनकी इसी चुप्पी को गलत समझा गया और इसके बाद उनके बारे में अलग-अलग तरह की अटकलों और अफवाहों को जगह मिली। आकाश ने कहा कि अगर उनकी चुप्पी से मायावती को ठेस पहुंची है तो वह उनसे माफी मांगते हैं।
फिर पार्टी और मिशन की सेवा का मौका चाहते हैं
आकाश आनंद ने अपने पत्र में कहा कि वह मायावती के नेतृत्व में दोबारा पार्टी और मिशन की सेवा करने का अवसर चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वास केवल शब्दों से नहीं, बल्कि काम से बनता है और वह अपने आचरण तथा मेहनत से इसे साबित करना चाहते हैं।
उनका यह पत्र ऐसे समय आया है जब सितंबर 2026 में मायावती ने आकाश आनंद को BSP के सभी दायित्वों और प्राथमिक सदस्यता से मुक्त करने की घोषणा की थी। मायावती ने उस समय उनके राजनीतिक रुख और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर सवाल उठाए थे।
‘बाबा साहेब का मिशन ही मेरी राजनीति’
पत्र के अंत में आकाश आनंद ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का मिशन, मान्यवर कांशीराम का रास्ता और मायावती का नेतृत्व ही उनकी राजनीति है।
आकाश आनंद के इस खुले पत्र को उनके और मायावती के बीच हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, पत्र में उन्होंने किसी नए राजनीतिक दल में जाने की अटकलों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है।
BSP में हालिया घटनाक्रम
मायावती ने सितंबर में आकाश आनंद को पार्टी से अलग करने के बाद परिवार से जुड़े राजनीतिक नेतृत्व को लेकर भी अपने रुख में बदलाव की घोषणा की थी। 20 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि आनंद कुमार के परिवार से आकाश आनंद और उनकी बहन को BSP में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी और ईशान आनंद को पार्टी में आगे बढ़ाया जाएगा।
ऐसे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच आकाश आनंद का ताजा पत्र मायावती के प्रति अपनी निष्ठा और BSP के साथ अपने संबंधों को लेकर उनकी सार्वजनिक स्थिति को स्पष्ट करता है।