झांसी ट्रेन चोरी गैंग: परिवार बनकर यात्रियों को बनाते थे निशाना, 7 गिरफ्तार
झांसी: ट्रेन में सफर के दौरान आसपास बैठे किसी अनजान परिवार पर भरोसा करना यात्रियों के लिए भारी पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश के झांसी में जीआरपी ने ऐसे ही एक गिरोह का खुलासा किया है, जो परिवार के सदस्यों की तरह ट्रेन में सफर करता था और यात्रियों के सामान पर नजर रखकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी गुजरात के भावनगर जिले के पालीताना क्षेत्र के रहने वाले और आपस में रिश्तेदार हैं।
परिवार की तरह सफर करते थे आरोपी
झांसी जीआरपी के अनुसार, आरोपियों की रणनीति ऐसी थी कि ट्रेन में उन्हें देखकर किसी को संदेह न हो। पुरुष और महिलाएं साथ-साथ सफर करते थे और यात्रियों के बीच सामान्य परिवार की तरह घुल-मिल जाते थे। इसी दौरान वे आसपास बैठे यात्रियों के सामान पर नजर रखते थे।
गिरोह खास तौर पर ऐसे यात्रियों को निशाना बनाता था जो ट्रेन में सो जाते थे या कुछ देर के लिए अपने सामान से ध्यान हटा लेते थे। महिलाओं के बैग और उनमें रखे जेवरात पर भी आरोपियों की विशेष नजर रहती थी। मौका मिलते ही बैग खोलकर कीमती सामान निकाल लिया जाता था।
झांसी रेलवे स्टेशन के पास हुई गिरफ्तारी
पुलिस को गिरोह की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद झांसी जीआरपी ने निगरानी बढ़ाई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन यार्ड में माल गोदाम की तरफ बने ग्रुप-डी गेस्ट हाउस के पीछे पटरी के पास घेराबंदी की। इसी दौरान सातों आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान कृष्णा अमर भाई, अमर भाई, मनोज भाई, सोलंकी अमित दिलीप भाई, संगीता, ज्योति और ऊषा के रूप में की है। उनकी उम्र करीब 20 से 45 वर्ष के बीच बताई गई है। सभी आरोपी गुजरात के भावनगर जिले के पालीताना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
आगरा, मथुरा, हाथरस और बरेली रूट पर सक्रिय होने का दावा
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह झांसी से अलग-अलग दिशाओं में जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी झांसी से आगरा, मथुरा, हाथरस और बरेली की ओर जाने वाली ट्रेनों में सक्रिय रहते थे। अयोध्या की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनों में भी वारदात किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने झांसी के अलावा दूसरे रेलवे स्टेशनों और राज्यों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। इसके लिए रेलवे पुलिस के दूसरे थानों से भी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
महिलाओं के बैग पर रहती थी खास नजर
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य यात्रियों के बीच इस तरह घुल-मिल जाते थे कि उन पर आसानी से शक नहीं होता था। खासकर महिला यात्रियों के बैग को निशाना बनाया जाता था।
जब कोई महिला यात्री सो जाती या किसी दूसरे काम में व्यस्त हो जाती, तब आरोपी मौका देखकर उसके बैग से जेवरात और अन्य सामान निकाल लेते थे। पुलिस के मुताबिक, चोरी किए गए जेवरों को बेचने या अपने ठिकाने तक पहुंचाने के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।
जेवर और नकदी बरामद
जीआरपी ने आरोपियों के कब्जे से दो कड़े, एक मंगलसूत्र, एक अंगूठी और करीब पांच हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस इन बरामद वस्तुओं को पहले दर्ज चोरी के मामलों से जोड़कर जांच कर रही है।
अधिकारियों का प्रयास है कि बरामद जेवरात के वास्तविक मालिकों की पहचान की जाए और यह पता लगाया जाए कि ये सामान किन वारदातों से संबंधित हैं।
झांसी GRP में दो मुकदमे दर्ज
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ झांसी जीआरपी थाने में चोरी से संबंधित दो मुकदमे दर्ज हैं। अब दूसरे जिलों और राज्यों के रेलवे थानों से भी उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।
जीआरपी यह भी जांच कर रही है कि क्या गिरोह के साथ कुछ और लोग जुड़े हुए हैं और चोरी किए गए सामान को ठिकाने लगाने में कौन-कौन मदद करता था। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद ट्रेन में चोरी की कुछ और घटनाओं का खुलासा हो सकता है।
पुलिस खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जीआरपी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गुजरात से आने वाला यह गिरोह केवल झांसी और आसपास के रेलवे रूटों पर ही सक्रिय था या देश के दूसरे हिस्सों में भी इसी तरीके से यात्रियों को निशाना बनाता था।
एसपी जीआरपी विपुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, यात्रियों के सामान और जेवरात चोरी करने वाले सात पुरुष-महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से मंगलसूत्र, सोने के दो कड़े, अंगूठी और नकदी बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी परिवार की तरह ट्रेनों में सफर करते थे और खासकर महिलाओं के बैग को निशाना बनाते थे।