आरा में परिवहन विभाग के SI के ठिकानों पर EOU की रेड, 3 लाख कैश और 11 प्लॉट के दस्तावेज मिले
आरा/पटना: बिहार के आरा में परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (SI) अमित कुमार गुप्ता के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की। आरा और पटना स्थित ठिकानों पर चली यह कार्रवाई करीब 10 घंटे तक चली। EOU के मुताबिक, तलाशी के दौरान 3 लाख रुपये नकद, कई जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेज, 15 बैंक खातों की जानकारी और निवेश से संबंधित रिकॉर्ड मिले हैं।
अमित कुमार गुप्ता की फिलहाल कैमूर के मोहनिया चेक पोस्ट पर तैनाती बताई जा रही है। EOU की टीम ने आरा के अवधपुरी स्थित उनके आवास और पटना के दानापुर क्षेत्र में स्थित संपत्ति की तलाशी ली। जांच एजेंसी के अनुसार, शुरुआती जांच में उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 1 करोड़ 49 लाख 58 हजार 500 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी ने इसे ज्ञात आय से करीब 148.10 प्रतिशत अधिक बताया है।
घर से 3 लाख रुपये कैश और इलेक्ट्रिक कार मिली
EOU के मुताबिक, आरा के अवधपुरी स्थित आवास की तलाशी के दौरान करीब 3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा एक इलेक्ट्रिक टाटा टियागो कार भी जांच के दायरे में आई। टीम ने घर से जमीन, मकान और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
11 प्लॉट से जुड़े दस्तावेज मिले
तलाशी के दौरान आरा, पटना और छपरा में कुल 11 भू-खंडों की खरीद से संबंधित दस्तावेज मिलने की बात EOU ने कही है। इसके अलावा आरा में करीब 5.1 डिसमिल जमीन पर निर्माणाधीन मकान, अवधपुरी में G+3 मकान और पटना के साई वरदान सिटी में एक फ्लैट से जुड़े कागजात भी जांच में मिले हैं। अब इन संपत्तियों की खरीद की कीमत और धन के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है।
नोएडा और दिल्ली तक निवेश के दस्तावेज
जांच का दायरा बिहार से बाहर भी पहुंचता दिख रहा है। EOU के अनुसार, नोएडा की इम्पेरिया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और नई दिल्ली की ऐरविल बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े फ्लैट और जमीन में निवेश के रिकॉर्ड भी मिले हैं। एजेंसी इन निवेशों और अधिकारी की घोषित आय के बीच संबंधों की जांच कर रही है।
15 बैंक खातों की जानकारी, लॉकर की भी जांच
तलाशी में अलग-अलग बैंकों के 15 खातों की पासबुक और चेकबुक से संबंधित दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। EOU के मुताबिक, इन खातों में मौजूद राशि को फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा एक बैंक लॉकर की जानकारी भी मिली है, जिसकी तलाशी अभी बाकी बताई गई है।
शेयर और म्यूचुअल फंड में 30 लाख से ज्यादा का निवेश
जांच टीम को 30 लाख रुपये से अधिक के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले हैं। इसके अलावा LIC से जुड़े सात दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनमें 10 लाख रुपये से अधिक के निवेश की जानकारी होने की बात कही गई है। आभूषणों की खरीद से संबंधित रसीदें भी जांच टीम को मिली हैं।
बच्चों की पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी जांच में
EOU ने अधिकारी के बच्चों की शिक्षा पर होने वाले खर्च को भी जांच के दायरे में रखा है। एजेंसी के मुताबिक, एक बेटा दार्जिलिंग के आवासीय स्कूल में पढ़ता है, जबकि बेटी कोटा में NEET की तैयारी कर रही है। स्कूल, हॉस्टल, कोचिंग और अन्य शैक्षणिक खर्च का भी अधिकारी की ज्ञात आय से मिलान किया जाएगा।
1.49 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का मामला
EOU के DSP बिजय कुमार गुप्ता के मुताबिक, शुरुआती जांच में करीब 1 करोड़ 49 लाख 58 हजार 500 रुपये की आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति अधिकारी की ज्ञात वैध आय से करीब 148.10 प्रतिशत अधिक है। इस आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
फिलहाल EOU जमीन, मकान, फ्लैट, बैंक खातों, शेयर, म्यूचुअल फंड, LIC निवेश, वाहन और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। बैंक लॉकर की तलाशी और बरामद दस्तावेजों के विस्तृत विश्लेषण के बाद मामले में संपत्ति और निवेश से जुड़ी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन सी संपत्तियां वैध आय से जुड़ी हैं और किन संपत्तियों को आय से अधिक संपत्ति के मामले में शामिल किया जाएगा।