कुशीनगर बाढ़: नारायणी नदी का तटबंध टूटा, गांव जलमग्न, CM योगी ने किया निरीक्षण
कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच एपी तटबंध का एक हिस्सा टूट गया। सोमवार देर रात हुए इस हादसे के बाद आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुट गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और पीड़ितों से मुलाकात की।
अचानक बढ़ा नारायणी नदी का दबाव
रिपोर्टों के मुताबिक, कुशीनगर के सेवरही क्षेत्र में जवहीं दयाल गांव के ततवा टोला के पास सोमवार रात करीब साढ़े दस बजे एपी तटबंध का हिस्सा नारायणी नदी के तेज दबाव में टूट गया। तटबंध टूटते ही पानी आसपास के निचले इलाकों और गांवों की ओर तेजी से फैलने लगा।
स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि गौरहा, सिसवा, बाघाचौर, बाकखास, चैनपट्टी, आवपुर और भगवानपुर समेत कई गांव प्रभावित हुए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, छह से अधिक गांवों की करीब 20 हजार आबादी पर बाढ़ का असर पड़ा है।
नेपाल से आया भारी पानी, बढ़ा नदी का जलस्तर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित लोगों से मुलाकात के दौरान बताया कि सामान्य दिनों में नारायणी नदी में करीब 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी रहता है, लेकिन नेपाल में भारी बारिश के बाद अचानक करीब 5.5 लाख क्यूसेक पानी आने से तटबंध पर दबाव बढ़ गया और उसका हिस्सा टूट गया।
इससे पहले भी तटबंध के कमजोर हिस्सों पर रिसाव और कटान को रोकने के लिए प्रशासन तथा बाढ़ खंड की टीमें काम कर रही थीं। जियोबैग और बोल्डर के जरिए रिसाव रोकने के प्रयास किए गए, लेकिन रात में नदी का दबाव बढ़ने के बाद तटबंध का हिस्सा टूट गया।
CM योगी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
तटबंध टूटने की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों से हालात की जानकारी लेते रहे। मंगलवार को उन्होंने कुशीनगर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और फिर ग्राउंड जीरो पर जाकर बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने राहत सामग्री और लंच पैकेट भी वितरित कराए।
मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मुश्किल की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
NDRF और SDRF की टीमें तैनात
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें सक्रिय हैं। NDRF और SDRF की टीमों को भी बचाव अभियान में लगाया गया है। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत सहायता की घोषणा भी की गई है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान राहत सामग्री वितरण के साथ प्रभावित लोगों की जरूरतों की जानकारी ली गई।
तटबंध की मरम्मत और भविष्य की तैयारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौजूदा स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का काम कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में तटबंध और आसपास के गांवों पर नदी के दबाव को कम किया जा सके।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, राहत सामग्री उपलब्ध कराना और तटबंध के बचे हिस्से को सुरक्षित करना है। नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों में पानी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।