SSC GD परीक्षा हैकिंग मामले में बड़ा खुलासा, ‘Devil’ नाम का मुख्य हैकर गिरफ्तार
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की GD कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में कथित धांधली और नकल कराने के मामले में उत्तर प्रदेश STF ने एक वॉन्टेड हैकर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अरुण कुमार यादव उर्फ ‘Devil’ के रूप में हुई है। STF ने उसे 22 सितंबर 2026 को दिल्ली के शाहाबाद डेयरी के बेगमपुर इलाके से पकड़ा। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी सॉल्वर गैंग के लिए हैकिंग और तकनीकी इंतजाम करने में शामिल था।
SSC GD परीक्षा में ऐसे हुई कथित धांधली
STF की जांच के अनुसार, अरुण उर्फ ‘Devil’ और हैकर अमित राणा ने मिलकर ऑनलाइन परीक्षा के सर्वर की कुछ महत्वपूर्ण फाइलों को डिकोड किया और उनमें बदलाव करने के बाद ऐसी स्क्रिप्ट तैयार की, जिससे परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटरों को प्रॉक्सी सर्वर से जोड़ा जा सके। आरोप है कि इस व्यवस्था के जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे सॉल्वर अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को रिमोट तरीके से एक्सेस कर उनकी मदद करते थे।
STF के मुताबिक, पूछताछ में ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित नकल के चार तरीके सामने आए हैं। इनमें प्रॉक्सी सर्वर के जरिए परीक्षा नेटवर्क को बायपास करना, परीक्षा सर्वर में सेंध लगाना, Raspberry Pi जैसे उपकरणों के जरिए मॉडिफाइड TFT स्क्रीन को लाइव स्ट्रीम करना और स्क्रीन शेयरिंग के माध्यम से बाहर बैठे सॉल्वर से पेपर हल करवाना शामिल है।
गिरफ्तारी के समय बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
STF ने अरुण कुमार के पास से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इनमें 12 TFT स्क्रीन, दो लैपटॉप, 11 Raspberry Pi डिवाइस, 14 वीडियो कैप्चर डिवाइस, 8 VGA स्विच, 13 HDTV-VGA एडाप्टर, 9 USB एडाप्टर, Bluetooth डोंगल, VGA-to-HDTV एडाप्टर, ब्रॉडबैंड डिवाइस और अन्य सामान शामिल हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इन उपकरणों का इस्तेमाल ऑनलाइन परीक्षा में कथित तौर पर तकनीकी सेंधमारी और रिमोट एक्सेस की व्यवस्था तैयार करने में किया जाता था।
2019 से ‘Devil’ नाम से बना नेटवर्क
पूछताछ में STF को पता चला कि अरुण ने 2019 में दिल्ली के मुखर्जी नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान एक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद कंप्यूटर और हैकिंग से जुड़ी तकनीक सीखनी शुरू की थी। बाद में उसने ऑनलाइन परीक्षाओं में इस्तेमाल होने वाले सिस्टम से छेड़छाड़ और मॉडिफाइड TFT तैयार करने का काम सीखा। STF के अनुसार, इसी दौरान वह ‘Devil’ नाम से पहचाना जाने लगा।
जांच में यह भी सामने आया कि उसका संपर्क उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड और नॉर्थ ईस्ट के कई सॉल्वर गैंग से था।
2024 के नर्सिंग परीक्षा मामले से भी जुड़ा नाम
STF के मुताबिक, अरुण कुमार का नाम 2024 में सीतापुर में हुई नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर की ऑनलाइन परीक्षा में कथित धांधली के मामले में भी सामने आया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि उस मामले में उसने मुख्य आरोपी को पेन ड्राइव के जरिए ऐसा सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया था, जिसका इस्तेमाल प्रॉक्सी सर्वर लगाने और परीक्षा सिस्टम को रीबूट करने के लिए किया जा सकता था। इस मामले में भी अरुण वांछित था।
मई में STF ने किया था गिरोह का भंडाफोड़
इस मामले में STF ने 22 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन में कार्रवाई कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई के दौरान करीब 50 लाख रुपये नकद, प्रॉक्सी सर्वर और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे। जांच में कथित तौर पर मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा के नाम भी सामने आए थे।
अरुण कुमार की गिरफ्तारी के बाद STF के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 12 हो गई है। जांच एजेंसी अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अलग-अलग परीक्षाओं में इसकी भूमिका की जांच कर रही है।
आगे भी जारी रहेगी जांच
STF का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि SSC GD परीक्षा में कथित तकनीकी सेंधमारी का नेटवर्क कितने लोगों तक फैला था और इसमें अन्य परीक्षा केंद्रों या सॉल्वर गैंग की क्या भूमिका थी। आरोपी के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के नॉलेज पार्क थाने में दर्ज मामले के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।