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संभल पुलिसकर्मी हत्याकांड: धर्मपाल सिंह को उम्रकैद, 2 सिपाहियों की हत्या का मामला

By yogesh jindoria | Published: Sep 22, 2026 05:55 AM

संभल पुलिसकर्मी हत्याकांड: दो सिपाहियों की हत्या के दोषी धर्मपाल को उम्रकैद, 2019 में कैदी वैन पर हुआ था हमला

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में करीब सात साल पुराने संभल पुलिसकर्मी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चंदौसी स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) की अदालत ने दो पुलिसकर्मियों की हत्या और सरकारी राइफल लूटने के मामले में अभियुक्त धर्मपाल सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर करीब 1.6 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है। 

यह मामला 17 जुलाई 2019 का है, जब चंदौसी अदालत से 24 कैदियों को लेकर एक बंदी वैन मुरादाबाद जिला जेल लौट रही थी। बनियाठेर थाना क्षेत्र में धन्नूमल तिराहे के पास वैन में सवार तीन कैदियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था। इस हमले में कांस्टेबल ब्रजपाल सिंह और हरेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी।

कैदी वैन में मिर्ची पाउडर डालकर किया हमला

अभियोजन के मुताबिक, वैन में सवार धर्मपाल सिंह, शकील और कमल ने पहले ड्यूटी पर तैनात दोनों सिपाहियों की आंखों में मिर्ची पाउडर झोंका। इसके बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई और उनकी सरकारी राइफल छीन ली। हमले के बाद तीनों आरोपी वैन से फरार हो गए।

घटना के वक्त बंदी वैन में कुल 24 कैदी सवार थे। अचानक हुए हमले और गोलीबारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया।

दो आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में मौत

घटना के बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाईं। शकील और कमल पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में दोनों अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए।

वहीं, तीसरे आरोपी धर्मपाल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसके खिलाफ अदालत में मुकदमे की सुनवाई चलती रही। करीब सात साल तक चले मुकदमे के बाद अब अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

दो सिपाहियों की हत्या का मामला

इस घटना में कांस्टेबल ब्रजपाल सिंह और हरेंद्र सिंह की जान गई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाह पेश किए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने धर्मपाल को हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में दोषी माना।

शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह के मुताबिक, अदालत ने धर्मपाल को आजीवन कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसले के बाद धर्मपाल को वापस मुरादाबाद जिला जेल भेज दिया गया।

अपहरण और फिरौती के मामले में भी आरोपी थे

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, धर्मपाल, शकील और कमल पहले एक अपहरण और फिरौती के मामले में गिरफ्तार किए गए थे। आरोप था कि उन्होंने एक व्यक्ति का अपहरण कर उसे छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये की फिरौती ली थी। पुलिस ने उस मामले में 18 लाख रुपये बरामद करने की बात भी अदालत के सामने रखी।

इसी मामले की सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों को चंदौसी अदालत लाया गया था। अदालत में पेशी के बाद जब उन्हें मुरादाबाद जेल वापस ले जाया जा रहा था, तभी बंदी वैन में यह हमला हुआ था।

सात साल बाद आया फैसला

17 जुलाई 2019 की इस घटना के बाद से धर्मपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा अदालत में विचाराधीन था। शकील और कमल की मुठभेड़ में मौत के बाद धर्मपाल ही इस मामले में मुकदमे का सामना कर रहा था।

अब अदालत के फैसले के साथ इस मामले में धर्मपाल के खिलाफ चल रही सुनवाई का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। कोर्ट ने उसे दो पुलिसकर्मियों की हत्या और हथियार लूटने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है।

फैसले के बाद धर्मपाल को मुरादाबाद जिला कारागार भेज दिया गया। वहीं, सात साल पुराने इस मामले में अदालत के निर्णय के बाद मृतक पुलिसकर्मियों के परिवारों और पुलिस विभाग की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आने की उम्मीद है।

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