कौशांबी: झांसी जेल से प्रयागराज ले जाए जा रहे अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के काफिले को सोमवार को कौशांबी के सैनी कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने रोककर चेकिंग की। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत काफिले में शामिल वाहनों की जांच की। इसी दौरान अली अहमद के भाई अहजम अहमद की गाड़ी को भी रोका गया और उससे पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद वाहनों को आगे जाने दिया गया।
प्रयागराज ले जाया जा रहा था अली अहमद
अली अहमद को झांसी जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था। उसे प्रयागराज में दर्ज एक मामले की कोर्ट कार्यवाही के सिलसिले में पेश किया जाना था। रिपोर्ट के मुताबिक, अली के खिलाफ रंगदारी और अन्य आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
जब काफिला कौशांबी के सैनी इलाके में पहुंचा तो पुलिस ने वाहनों को रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने काफिले में शामिल सभी गाड़ियों की जांच की। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, काफिले में करीब सात-आठ वाहन शामिल थे और चेकिंग करीब 15 मिनट तक चली। पुलिस ने इसे सुरक्षा के मद्देनजर की गई रूटीन चेकिंग बताया।
अहजम की गाड़ी भी रोकी गई
चेकिंग के दौरान अली अहमद के भाई अहजम अहमद की गाड़ी भी पुलिस के घेरे में आई। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली और अहजम से पूछताछ की। पूछताछ के बाद उसे जाने दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, काफिले को रोकने की कोई पूर्व निर्धारित कार्रवाई नहीं थी। सैनी पुलिस ने बताया कि इलाके में वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी और इसी दौरान अली अहमद का काफिला वहां से गुजरने पर उसे भी रोककर जांच की गई। तलाशी में कोई आपत्तिजनक सामग्री मिलने की जानकारी नहीं है।
सुरक्षा के बीच प्रयागराज पहुंचा काफिला
चेकिंग पूरी होने के बाद अली अहमद और उसके साथ चल रहे वाहनों को आगे जाने दिया गया। सुरक्षा के बीच उसे प्रयागराज ले जाया गया, जहां कोर्ट की कार्यवाही में उसे पेश किया जाना था।
इस दौरान पुलिस ने काफिले के साथ चलने वाले वाहनों और लोगों की भी जानकारी ली। अहजम की गाड़ी को भी इसी सुरक्षा जांच के तहत रोके जाने की बात सामने आई है।
पहले भी पैरोल पर प्रयागराज आया था अली
इससे पहले अगस्त 2026 में अली अहमद को अपने छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया गया था। उस समय हाईकोर्ट ने अली के साथ उसके भाई उमर को भी पैरोल दी थी। अबान की 6 अगस्त को झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी।