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ऐशान्या द्विवेदी शुभम द्विवेदी: जन्मदिन पर बोलीं- आज भगवान को माफ करती हूं

By yogesh jindoria | Published: Sep 21, 2026 04:38 AM

ऐशान्या द्विवेदी का दर्द फिर छलका, जन्मदिन पर शुभम को किया याद; बोलीं- आज भगवान को माफ करती हूं

कानपुर: पहलगाम आतंकी हमले में पति शुभम द्विवेदी को खोने वाली ऐशान्या द्विवेदी ने अपने जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा की है। ऐशान्या ने अपनी जिंदगी के उस दौर को याद किया, जब शादी के महज दो महीने बाद कश्मीर की यात्रा के दौरान आतंकवादी हमले में उनके पति की मौत हो गई थी। उन्होंने लिखा कि उनके कई सवालों के जवाब आज भी नहीं मिले हैं, लेकिन वह भगवान को माफ करती हैं।

शादी के दो महीने बाद कश्मीर गए थे शुभम और ऐशान्या

शुभम द्विवेदी और ऐशान्या की शादी 12 फरवरी 2025 को हुई थी। शादी के बाद दोनों परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में शुभम की मौत हो गई थी। इस हमले में कुल 26 लोगों की जान गई थी।

शुभम कानपुर के रहने वाले थे और अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। शादी के कुछ ही समय बाद उनकी मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। ऐशान्या के लिए भी यह घटना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा आघात बन गई।

‘मैं शुभु के जाने के बाद मर जाना चाहती थी’

ऐशान्या ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट की शुरुआत अपने जन्मदिन से की। उन्होंने बताया कि इस दिन उनके मन में कई भावनाएं उमड़ रही थीं। उन्होंने अपने पति को याद करते हुए लिखा कि एक समय ऐसा था जब वह शुभु के जाने के बाद खुद भी मर जाना चाहती थीं।

समय बीतने के बावजूद पति की यादें उनके साथ हैं। ऐशान्या ने अपने पोस्ट में बताया कि शुभम के साथ बिताए समय और उनकी यादों ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी है।

महाकाल मंदिर में किए दर्शन

ऐशान्या ने अपने जन्मदिन पर महाकाल मंदिर में दर्शन करने का भी जिक्र किया। उन्होंने भगवान के सामने अपनी भावनाएं रखीं और अपने जीवन में हुए इस दर्दनाक हादसे को याद किया।

उन्होंने कहा कि उनके सवालों के अभी भी कोई जवाब नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद वह भगवान को माफ करती हैं। यह पोस्ट उनके लिए दुख, यादों और जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिशों को बयां करती है।

‘मेरे सवालों के अभी भी कोई जवाब नहीं’

ऐशान्या ने अपनी पोस्ट में बताया कि पहलगाम की घटना के बाद उनके मन में कई सवाल हैं। उन्हें अब भी उन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह अपने भीतर उस दर्द को लेकर हमेशा नहीं जीना चाहतीं और भगवान को माफ करने की कोशिश कर रही हैं।

पहलगाम हमले के बाद ऐशान्या ने कई बार अपने पति को याद करते हुए अपनी भावनाएं सार्वजनिक रूप से साझा की हैं। एक साल बाद भी उन्होंने कहा था कि शुभम की यादें उनके जीवन का हिस्सा हैं।

परिवार के साथ कश्मीर गए थे शुभम

शुभम का परिवार अप्रैल 2025 में कश्मीर घूमने गया था। परिवार के कई सदस्य बैसरन घाटी पहुंचे थे, लेकिन घटना के समय सभी लोग एक साथ मौजूद नहीं थे। ऐशान्या ने पहले बताया था कि शुभम को घूमने का काफी शौक था और कश्मीर की यात्रा भी परिवार के लिए एक सामान्य छुट्टी की तरह शुरू हुई थी।

शुभम की मौत के बाद उनके परिवार ने उन्हें याद करते हुए कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उनकी पत्नी ऐशान्या ने भी उनके लिए न्याय और उनकी याद को कायम रखने की बात कही है।

एक साल बाद भी दर्द बरकरार

22 अप्रैल 2026 को पहलगाम हमले की पहली बरसी पर कानपुर में शुभम द्विवेदी को श्रद्धांजलि दी गई थी। कार्यक्रम में ऐशान्या और शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ऐशान्या भावुक हो गई थीं और उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ न्याय की लड़ाई जारी रखने की बात कही थी।

ऐशान्या की ताजा पोस्ट से एक बार फिर साफ हुआ कि हादसे को लंबा समय बीत जाने के बावजूद शुभम की यादें उनके जीवन का अहम हिस्सा बनी हुई हैं। जन्मदिन के मौके पर उन्होंने अपने दर्द, सवालों और भगवान के प्रति अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त किया।

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