दिल्ली MCD सफाई कर्मचारी दीपक आत्महत्या मामले में BJP का प्रदर्शन, AAP पार्षद पर कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) के सफाई कर्मचारी दीपक की आत्महत्या का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने त्रिलोकपुरी से AAP पार्षद विजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें पार्टी से हटाने की मांग की। भाजपा नेताओं का आरोप है कि दीपक आर्थिक परेशानी और कथित मानसिक उत्पीड़न से जूझ रहे थे।
15 लाख रुपये के लोन को लेकर लगाए गए आरोप
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, दीपक की पत्नी ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति ने घर खरीदने के लिए करीब 15 लाख रुपये का लोन लिया था। आरोप है कि लोन और वेतन से जुड़े मामले को लेकर दीपक आर्थिक संकट में थे। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उन्हें लंबे समय से वेतन नहीं मिला था।
परिवार की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि लोन से संबंधित दस्तावेज और बैंक से जुड़े कुछ कागजात पार्षद के पास थे। हालांकि, इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और अंतिम रूप से जिम्मेदारी तय होना अभी बाकी है।
पार्षद विजय कुमार के खिलाफ FIR
पुलिस ने AAP पार्षद विजय कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में FIR दर्ज की है। रिपोर्टों के मुताबिक, मामला दीपक की पत्नी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
पुलिस मामले में आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों, आर्थिक लेनदेन और लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। FIR दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं माना जाता और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
BJP ने AAP पर साधा निशाना
रविवार को BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने AAP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने मांग की कि विजय कुमार को पार्टी से हटाया जाए और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। प्रदर्शन में भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया सहित कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। दीपक की पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी के भी प्रदर्शन में मौजूद रहने की जानकारी सामने आई है।
BJP नेताओं का कहना है कि जब तक पार्षद के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा। इससे पहले भी त्रिलोकपुरी में पार्षद के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर इस्तीफे की मांग की गई थी।
परिवार ने लगाए मानसिक उत्पीड़न के आरोप
दीपक के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि आर्थिक समस्याओं और कथित दबाव के कारण वह काफी परेशान थे। परिवार के मुताबिक, दीपक ने अपनी पत्नी के सामने भी अपनी परेशानी जाहिर की थी। बाद में उन्हें घर में फंदे से लटका पाया गया और परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इन परिस्थितियों की पुलिस जांच कर रही है।
AAP पार्षद का पक्ष भी सामने आया
AAP पार्षद विजय कुमार ने लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, विजय कुमार ने कहा कि उन्होंने दीपक के लिए कोई लोन नहीं कराया था और उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। ऐसे में मामले में परिवार द्वारा लगाए गए आरोप और पार्षद का पक्ष दोनों पुलिस जांच का हिस्सा हैं।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
दीपक की आत्महत्या के बाद सामने आए आर्थिक लेनदेन, वेतन से जुड़े विवाद और कथित मानसिक उत्पीड़न के आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। फिलहाल BJP ने इस मामले को लेकर AAP पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है और पार्षद के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई की मांग की है।
मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। यह भी जांच का विषय है कि दीपक की मौत से पहले उनके सामने कौन-कौन सी परिस्थितियां थीं और लगाए गए आर्थिक शोषण तथा मानसिक उत्पीड़न के आरोपों में कितनी सच्चाई है।