पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार, 18 सितंबर को राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर सुबह 11 बजे होगी। बैठक में कर्मचारी संगठनों की लंबित मांगों और बकाया महंगाई भत्ते (DA) समेत वेतन-भत्तों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच पिछले कुछ समय से बकाया DA और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर गतिरोध चल रहा है। बैठक के लिए कर्मचारी, पेंशनर और संयुक्त कार्रवाई समिति के 12 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है।
DA एरियर समेत कई मांगें एजेंडे में
कर्मचारी संगठन लंबे समय से 18 प्रतिशत लंबित DA, DA एरियर, पुरानी पेंशन योजना (OPS), छठे वेतन आयोग के बकाये और अन्य सेवा संबंधी मांगों को उठा रहे हैं। इसके अलावा 17 जुलाई 2020 के उस आदेश को वापस लेने की मांग भी की जा रही है, जिसके तहत उसके बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के वेतनमान को केंद्रीय सातवें वेतन आयोग के अनुरूप किया गया था।
कर्मचारी संगठनों की ओर से 15 जनवरी 2015 के भर्ती और प्रोबेशन से जुड़े आदेश को वापस लेने तथा Assured Career Progression (ACP) योजना समेत अन्य सेवा लाभ बहाल करने की मांग भी रखी जा सकती है।
अगस्त में नहीं हो पाई थी बैठक
इससे पहले 27 अगस्त को जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित बैठक नहीं हो सकी थी। उस समय सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेकर काम पर लौटने के बाद बातचीत करने की बात कही थी, जबकि कर्मचारी संगठनों ने यह शर्त स्वीकार नहीं की थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना रहा।
27 अगस्त को कर्मचारियों ने राज्यव्यापी आंदोलन किया था। इसके बाद सितंबर में भी विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखा। सरकार ने कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर ‘नो वर्क, नो पे’ का आदेश भी जारी किया था।
7 लाख से ज्यादा कर्मचारी-पेंशनर प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार के विभागों, निदेशालयों, चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालयों, डिप्टी कमिश्नर और तहसील कार्यालयों के कर्मचारियों के साथ पेंशनर भी DA एरियर और अन्य मांगों को लेकर सरकार से समाधान की मांग कर रहे हैं। इन मांगों से जुड़े कर्मचारियों और पेंशनरों की संख्या 7 लाख से अधिक बताई गई है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबित मांगों पर ठोस निर्णय जरूरी है। वहीं सरकार की ओर से राज्य की वित्तीय स्थिति को भी इन मांगों के समाधान में एक महत्वपूर्ण कारक बताया गया है। DA एरियर से जुड़े मामले को लेकर राज्य सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
18 सितंबर की बैठक को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों और स्थिति पर चर्चा करेंगे।