राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात पर कार्ति चिदंबरम का बड़ा बयान, बोले- बहस बेवजह
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे किए जाने से जुड़े सवाल पर अपनी बात दोहराई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद को लेकर चल रही बहस को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है। चिदंबरम ने कहा कि किसी भी नेता को प्रधानमंत्री बनाने की चर्चा के बीच लोकसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल को ध्यान में रखना होगा। The Times of India+1
कार्ति चिदंबरम का यह बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) से जुड़े नेताओं की ओर से विजय को भविष्य में प्रधानमंत्री पद के लिए पेश किए जाने की चर्चा चल रही है। इस पर कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के नाम का भी उल्लेख किया गया है। ABP News+1
प्रधानमंत्री पद को लेकर क्या बोले कार्ति चिदंबरम?
मीडिया से बातचीत में कार्ति चिदंबरम ने कहा कि हर राजनीतिक पार्टी के अपने सपने, आकांक्षाएं और पसंद के नेता होते हैं। उनके मुताबिक किसी पार्टी के भीतर उसके नेता को लेकर होने वाली चर्चा अपने आप में असामान्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री कौन बनेगा, यह लोकसभा में उपलब्ध संख्याबल और सरकार बनाने की संवैधानिक प्रक्रिया से जुड़ा विषय है। चिदंबरम ने 543 लोकसभा सीटों का जिक्र करते हुए कहा कि बहुमत के लिए 272 सांसदों के समर्थन की जरूरत होती है। The Times of India+1
राहुल गांधी के नाम का भी किया गया जिक्र
इस राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए सामने रखा गया है। कुछ कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि पार्टी और INDIA गठबंधन की ओर से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है। Live Hindustan+1
कार्ति चिदंबरम ने हालांकि अपनी टिप्पणी में इस बहस को मुख्य रूप से लोकसभा के संख्याबल और संवैधानिक प्रक्रिया के संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा कि किसी पार्टी के अंदर अपने नेता के प्रति समर्थन और अपेक्षाएं होना अलग बात है, जबकि केंद्र में सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्याबल हासिल करना अलग विषय है। ThePrint
TVK और विजय को लेकर क्यों छिड़ी चर्चा?
तमिलनाडु की राजनीति में TVK नेताओं की ओर से सी. जोसेफ विजय को भविष्य के प्रधानमंत्री के रूप में पेश किए जाने के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया। TVK नेताओं ने विजय की राष्ट्रीय भूमिका की संभावना को लेकर बयान दिए हैं।
इसके जवाब में कांग्रेस नेताओं ने लोकसभा के आंकड़ों का हवाला दिया। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को लोकसभा में 272 सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा। Live Hindustan+1
चुनावी राजनीति में नेताओं के दावों का दौर
कार्ति चिदंबरम ने यह भी कहा कि चुनाव नजदीक आने पर राजनीतिक दल अपने नेताओं की प्रशंसा और उनके पक्ष में दावे करते हैं। उनके अनुसार, कई बार नेता के समर्थक अपने पसंदीदा नेता को लेकर अपेक्षाएं भी व्यक्त करते हैं।
उन्होंने इस तरह की चर्चाओं को राजनीतिक दलों की आंतरिक आकांक्षाओं से जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में अंतिम स्थिति लोकसभा के चुनाव परिणाम और सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन से तय होती है। The Times of India+1
272 सांसदों का आंकड़ा क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत की लोकसभा में कुल 543 निर्वाचित सीटें हैं। केंद्र में सरकार बनाने के लिए किसी दल या गठबंधन को सदन में बहुमत का समर्थन चाहिए। इसी संदर्भ में कार्ति चिदंबरम ने 272 सांसदों के समर्थन को प्रधानमंत्री पद के लिए जरूरी राजनीतिक संख्या बताया है। The Times of India+1
इस तरह राहुल गांधी, विजय या किसी अन्य नेता के प्रधानमंत्री पद से जुड़े दावों के बीच कार्ति चिदंबरम ने बहस को लोकसभा के संख्याबल और संवैधानिक प्रक्रिया के संदर्भ में रखने पर जोर दिया है।