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68500 शिक्षक भर्ती: अभ्यर्थियों ने अनुप्रिया पटेल से लगाई गुहार, 23 हजार खाली पदों पर नियुक्ति की मांग

By aonenewstv | Published: Oct 02, 2026 07:18 AM

68500 शिक्षक भर्ती: अभ्यर्थियों ने अनुप्रिया पटेल से लगाई गुहार, 23 हजार खाली पदों पर नियुक्ति की मांग

उत्तर प्रदेश में 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। आठ वर्षों से भर्ती प्रक्रिया और आरक्षण संबंधी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने 2 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों ने आरक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने मामले को रखने और समाधान कराने की अपील की।

अनुप्रिया पटेल से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन

अहिंसा दिवस के अवसर पर अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को उनके सामने रखा। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने इस मौके पर किसी तरह का उग्र प्रदर्शन या घेराव नहीं किया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी।

अभ्यर्थी आशुतोष के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने इसे परिवार और समाज के स्तर पर अपनी समस्या रखने का माध्यम बनाया। अनुप्रिया पटेल ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगी और उचित कार्रवाई कराने का प्रयास करेंगी।

आरक्षण में अनियमितताओं का आरोप

अभ्यर्थियों ने 68,500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण को लेकर कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उनका दावा है कि पूर्व में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्रियों की बैठक में भी आरक्षण संबंधी गड़बड़ी की बात स्वीकार की गई थी।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा जाए और पारदर्शी तरीके से इसका समाधान निकाला जाए।

23 हजार से अधिक पद खाली होने का दावा

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े 23 हजार से अधिक पद अभी भी खाली हैं। उनके मुताबिक इनमें 9 हजार से अधिक पद ओबीसी वर्ग से संबंधित हैं। इसके अलावा दिव्यांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित पद भी खाली बताए गए हैं। ये आंकड़े अभ्यर्थियों के दावे के रूप में सामने आए हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को बार-बार आश्वासन मिल रहा है, लेकिन उन्हें अब तक स्पष्ट समाधान और नियुक्ति प्रक्रिया की ठोस समयसीमा नहीं मिली है।

संशोधित चयन सूची जारी करने की मांग

अभ्यर्थियों ने आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुतियों को लागू करने और संशोधित चयन सूची जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को निर्धारित छूट का उचित लाभ नहीं मिला।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर पात्र अभ्यर्थियों के हित में संशोधित चयन सूची जारी की जाए।

नियुक्ति पत्र और आधिकारिक शेड्यूल की मांग

अभ्यर्थियों ने कहा है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक नियुक्ति पत्र और भर्ती प्रक्रिया का आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं किया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन को और बढ़ाया जा सकता है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश में अलग-अलग शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में रिक्त पदों को लेकर भी गतिविधियां जारी हैं। मई 2026 में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए 23,213 रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। यह भर्ती प्रक्रिया 68,500 शिक्षक भर्ती के मामले से अलग है।

फिलहाल 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी आरक्षण संबंधी मांगों और लंबित नियुक्तियों के समाधान की मांग कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से हुई मुलाकात के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आगे होने वाली कार्रवाई और सरकार की ओर से लिए जाने वाले निर्णय पर है।

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