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सपा-कांग्रेस गठबंधन: 150 सीटों की मांग पर SP सांसद का पलटवार, बोले- 50 सीट भी बहुत हैं

By aonenewstv | Published: Oct 03, 2026 05:23 AM

सपा-कांग्रेस गठबंधन पर सीट शेयरिंग को लेकर घमासान, SP सांसद बोले- 150 तो दूर 50 सीट भी बड़ी बात

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर सीट बंटवारे की चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से गठबंधन में करीब 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग सामने आई है। इसी बीच सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने इस मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि 150 सीट तो दूर की बात है, कांग्रेस को 50 सीट देना भी बड़ी बात होगी।

सीट बंटवारे पर क्या बोले सपा सांसद?

एसपी सिंह पटेल ने कहा कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा पार्टियों की राजनीतिक स्थिति, विधायकों और सांसदों की संख्या तथा संगठन की जमीनी ताकत को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उनके मुताबिक कांग्रेस को यह भी देखना चाहिए कि उसके पास कितने विधायक-सांसद हैं और किन क्षेत्रों में उसका संगठन मजबूत है।

सपा सांसद ने कांग्रेस के पिछले चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का कांग्रेस को फायदा मिला। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन नहीं होता तो उसके छह सांसद भी चुनाव नहीं जीत पाते। उन्होंने कांग्रेस को पिछले चुनाव के प्रदर्शन से सबक लेने की बात कही।

राहुल गांधी और रायबरेली का भी किया जिक्र

एसपी सिंह पटेल ने बातचीत के दौरान रायबरेली लोकसभा सीट का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर पहले हिचक रहे थे और अखिलेश यादव के समझाने के बाद उन्होंने वहां से चुनाव लड़ा। सपा सांसद ने यह भी दावा किया कि अखिलेश यादव ने राहुल गांधी से कहा था कि अगर वह चुनाव नहीं लड़ेंगे तो समाजवादी पार्टी अपना उम्मीदवार उतार देगी।

नेताओं के बयानों पर भी जताई चिंता

सपा सांसद ने गठबंधन के भीतर नेताओं के बयानों को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सेकंड लाइन के नेताओं की बयानबाजी गठबंधन को नुकसान पहुंचा सकती है। उनके मुताबिक पहले गठबंधन में कांग्रेस की वजह से सपा के वोट कटे थे और अगर ऐसा नहीं होता तो सरकार बन सकती थी।

कांग्रेस की 150 सीटों की मांग

उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। कांग्रेस की ओर से गठबंधन में कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग सामने आई है। पार्टी का तर्क है कि पिछले लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन का प्रदर्शन बेहतर रहा था। वहीं, सपा की ओर से कांग्रेस की सीटों की मांग को लेकर असहमति के संकेत मिल रहे हैं।

ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट शेयरिंग अहम मुद्दा बन गया है। दोनों दलों के बीच अंतिम सहमति किस फॉर्मूले पर बनती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।

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