रणथंभौर नेशनल पार्क 3 महीने बाद खुला, गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई जंगल सफारी
सवाई माधोपुर: राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में तीन महीने के लंबे मानसून ब्रेक के बाद एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो गई है। 1 अक्टूबर 2026 से नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ रणथंभौर में जंगल सफारी फिर से शुरू हो गई। तीन महीने से बंद पड़े जंगल के दरवाजे खुलते ही देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
नए पर्यटन सत्र की शुरुआत गणेश धाम के मुख्य प्रवेश द्वार पर आयोजित स्वागत समारोह से हुई। गाजे-बाजे और लोक संगीत के बीच सफारी वाहनों को जंगल की ओर रवाना किया गया। इस दौरान पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। लंबे समय से रणथंभौर की हरियाली, प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों को करीब से देखने का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए यह दिन खास रहा।
तीन महीने तक बंद रहा था रणथंभौर
मानसून सीजन के दौरान हर साल रणथंभौर के मुख्य पर्यटन जोन में सफारी गतिविधियां बंद रहती हैं। इस साल भी 1 जुलाई से सितंबर तक करीब तीन महीने तक पर्यटकों के लिए मुख्य क्षेत्रों में प्रवेश बंद रहा। इस अवधि में वन विभाग ने वन्यजीवों की निगरानी के साथ-साथ सफारी मार्गों और पर्यटन सुविधाओं को नए सत्र के लिए तैयार किया।
1 अक्टूबर से पर्यटन सत्र शुरू होने के बाद अब पर्यटक फिर से जंगल के प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे। रणथंभौर में बाघों के अलावा तेंदुआ, सांभर, चीतल, नीलगाय और कई अन्य वन्यजीवों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।
गाजे-बाजे और लोक संगीत से हुआ स्वागत
रणथंभौर खुलने के मौके पर गणेश धाम के मुख्य द्वार पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों ने पर्यटकों का स्वागत किया। गाजे-बाजे और लोक संगीत के बीच सफारी वाहनों को रवाना किया गया।
इस मौके पर सवाई माधोपुर के जिला कलेक्टर कानाराम, रणथंभौर के मुख्य वन संरक्षक शारदा प्रताप सिंह, उपवन संरक्षक मानस सिंह और उपवन संरक्षक पर्यटन संजीव शर्मा सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
पर्यटकों में भी सफारी को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया। किसी को जंगल की हरियाली आकर्षित कर रही थी तो कोई रणथंभौर के प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देखना चाहता था। वहीं, बड़ी संख्या में पर्यटक इस उम्मीद के साथ भी पहुंचे कि सफारी के दौरान उन्हें बाघों की शानदार साइटिंग देखने को मिलेगी।
सफारी रूट की मरम्मत और गाइडों की ट्रेनिंग
नए पर्यटन सत्र से पहले वन विभाग ने सफारी से जुड़े मार्गों की मरम्मत कराई है। मानसून के दौरान बारिश के कारण प्रभावित हुए रास्तों को दुरुस्त किया गया, ताकि पर्यटकों और सफारी वाहनों को परेशानी न हो।
इसके अलावा नेचर गाइडों को भी नए सिरे से प्रशिक्षण दिया गया है। रणथंभौर में कुल 280 गाइड हैं, जिनमें 157 ए श्रेणी और 123 बी श्रेणी के गाइड शामिल हैं। वन अधिकारियों ने गाइडों का इंटरव्यू लेकर उनकी वन्यजीव संबंधी जानकारी, पर्यटकों की सुरक्षा और गाइडिंग से जुड़ी दक्षताओं का भी आकलन किया।
280 वाहन प्रतिदिन सफारी पर जा सकेंगे
रणथंभौर में वर्तमान में 10 पर्यटन जोन हैं। वन विभाग के अनुसार एक पारी में 140 पर्यटक वाहनों को सफारी की अनुमति दी जाती है। दिन में दो पारियों के हिसाब से कुल 280 वाहन सफारी पर जा सकते हैं।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रणथंभौर में दो नए सफारी जोन शुरू करने की मांग भी की गई है। वन विभाग की ओर से इसके लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और संबंधित उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। फिलहाल नए जोन शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है। अनुमति मिलने के बाद सफारी की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।
गणेश धाम पर बढ़ेंगी पर्यटकों की सुविधाएं
रणथंभौर के गणेश धाम प्रवेश द्वार पर पर्यटकों की सुविधा के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित किया जा रहा है। यहां कॉमन बोर्डिंग प्लेस, वेटिंग एरिया और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके अलावा एक कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की भी योजना है, जिसमें मीटिंग हॉल और फिल्म प्रोजेक्शन जैसी सुविधाएं होंगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य पर्यटकों को सफारी से पहले और बाद में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
नियम तोड़ने वाले गाइड और ड्राइवरों पर कार्रवाई
नए पर्यटन सत्र में वन विभाग ने सफारी नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया है। जंगल में निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले गाइड और ड्राइवरों पर कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के अनुसार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों को कुछ समय के लिए पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित किया जा सकता है। यदि प्रतिबंध के बाद भी नियमों का उल्लंघन जारी रहता है, तो स्थायी प्रतिबंध की कार्रवाई भी की जा सकती है।
वन विभाग का कहना है कि सफारी के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा भी प्राथमिकता रहेगी। जानवरों को परेशान करने वाली गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन पर निगरानी रखी जाएगी।
बाघों की साइटिंग को लेकर पर्यटकों में उत्साह
रणथंभौर देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में शामिल है और यहां बाघों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। तीन महीने के अंतराल के बाद सफारी शुरू होने से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में भी उत्साह है।
अब नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को बेहतर सफारी अनुभव देने के साथ वन्यजीव संरक्षण और निर्धारित नियमों के पालन पर भी जोर रहेगा। जंगल के रास्तों की मरम्मत, गाइडों की ट्रेनिंग और पर्यटक सुविधाओं को लेकर की गई तैयारियों के बाद रणथंभौर एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है।
तीन महीने के सन्नाटे के बाद 1 अक्टूबर को रणथंभौर के जंगल में सफारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने के साथ ही पर्यटन सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। अब पर्यटकों की नजरें जंगल में बाघों और अन्य वन्यजीवों की रोमांचक साइटिंग पर रहेंगी।