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यूपी बीजेपी राज्यसभा प्रत्याशी: BJP ने 8 उम्मीदवारों के नाम किए घोषित, धर्मपाल सिंह से श्रुति गंगवार तक

By aonenewstv | Published: Oct 06, 2026 01:46 AM

यूपी बीजेपी राज्यसभा प्रत्याशी: BJP ने 8 उम्मीदवारों के नाम किए घोषित, जानिए कौन-कौन शामिल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने 8 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद पार्टी ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को होना है।

बीजेपी की इस सूची में संगठन से जुड़े अनुभवी नेताओं के साथ महिला और सामाजिक प्रतिनिधित्व को भी जगह दी गई है। दो महिला उम्मीदवारों प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार को टिकट दिया गया है। वहीं, मौजूदा राज्यसभा सांसदों में से किसी को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है।

बीजेपी के 8 राज्यसभा प्रत्याशी कौन-कौन?

1. धर्मपाल सिंह

धर्मपाल सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री हैं। वह बरेली की आंवला विधानसभा सीट से विधायक हैं और बीजेपी के पुराने नेताओं में शामिल हैं। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाकर प्रदेश सरकार और संगठन में उनके अनुभव को महत्व दिया है।

2. राधाकांत ओझा

राधाकांत ओझा इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मूल रूप से प्रतापगढ़ से आने वाले ओझा को कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव के लिए जाना जाता है। उनके नाम से बीजेपी ने राज्यसभा की सूची में एक प्रमुख कानूनी पेशेवर चेहरे को जगह दी है।

3. प्रकाश पाल

प्रकाश पाल उत्तर प्रदेश बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इससे पहले वह कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राज्यसभा टिकट के जरिए पार्टी ने संगठन में सक्रिय ओबीसी नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व देने का संकेत दिया है।

4. विद्यासागर सोनकर

विद्यासागर सोनकर बीजेपी के पुराने संगठनकर्ता और दलित समाज के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। वह पूर्व सांसद, पूर्व एमएलसी और बीजेपी के प्रदेश महामंत्री रह चुके हैं। पूर्वांचल की राजनीति में उनका लंबे समय से संगठनात्मक प्रभाव रहा है।

5. गोपी कृष्ण पांडेय

गोपी कृष्ण पांडेय बीजेपी के वरिष्ठ संगठनात्मक नेताओं में शामिल हैं। पार्टी के जमीनी संगठन और अभियानों में उनकी लंबे समय से सक्रिय भूमिका रही है। बीजेपी की सूची में उनका नाम संगठन के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को महत्व देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

6. प्रियंका सिंह रावत

प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से पूर्व लोकसभा सांसद हैं और उत्तर प्रदेश बीजेपी की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल हैं। वह 16वीं लोकसभा में बाराबंकी का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। राज्यसभा टिकट के जरिए पार्टी ने महिला नेतृत्व को भी प्रतिनिधित्व दिया है।

7. राम प्रताप सिंह चौहान

राम प्रताप सिंह चौहान बीजेपी के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वह उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश महामंत्री रहे हैं और आगरा की एत्मादपुर विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं। राज्यसभा के लिए उनके चयन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आगरा क्षेत्र को भी प्रतिनिधित्व मिला है।

8. श्रुति गंगवार

श्रुति गंगवार बरेली से जुड़ी बीजेपी नेता हैं और वरिष्ठ बीजेपी नेता संतोष गंगवार की बेटी हैं। वह बरेली अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष भी रही हैं और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। बीजेपी ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर सूची में एक युवा महिला चेहरे को जगह दी है।

हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को नहीं मिला टिकट

बीजेपी की इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को दोबारा राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। इसके अलावा अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, बृजलाल और गीता शाक्य जैसे मौजूदा सदस्यों के नाम भी नई सूची में नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक है। पार्टी की नई सूची में संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरणों का संतुलन दिखाई देता है।

जातीय समीकरण पर भी नजर

बीजेपी की 8 उम्मीदवारों की सूची में तीन ओबीसी, दो अनुसूचित जाति और तीन सामान्य वर्ग के चेहरे शामिल बताए गए हैं। ओबीसी वर्ग में लोधी, पाल और कुर्मी समुदायों को प्रतिनिधित्व मिला है। वहीं सूची में दो महिला उम्मीदवार भी हैं।

राजनीतिक जानकार बीजेपी की इस रणनीति को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।

16 अक्टूबर को होगा मतदान

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। इनमें से आठ सीटों पर बीजेपी का जीतना उसकी विधानसभा में मौजूदा संख्या के आधार पर लगभग तय माना जा रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में दो सीटें जाने की संभावना है।

बीजेपी की ओर से 8 नाम घोषित होने के बाद अब उत्तर प्रदेश का राज्यसभा चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण हो गया है। पार्टी ने जहां कई पुराने संगठनात्मक चेहरों पर भरोसा जताया है, वहीं महिला और सामाजिक प्रतिनिधित्व के जरिए व्यापक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी की है।

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