भारत की जनगणना-2027 में एक भी व्यक्ति न छूटे, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
मैनपुरी। भारत की जनगणना-2027 को लेकर मैनपुरी में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बुधवार को क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान में ‘भारत की जनगणना-2027’ के द्वितीय चरण के तहत फील्ड ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना का कार्य पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल लोगों की संख्या दर्ज करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की मजबूत बुनियाद है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार होती है। इसके अलावा बजट, वित्तीय संसाधनों के आवंटन और विभिन्न विकास योजनाओं की दिशा तय करने में भी जनगणना के आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
डीएम ने सभी प्रगणकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करें और आंकड़ों में किसी भी प्रकार की त्रुटि न होने दें। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य करते समय अधिकारी और कर्मचारी “एक भी व्यक्ति छूटा, जनगणना चक्र टूटा” के संकल्प के साथ काम करें।
जातिगत गणना में बरतें विशेष सावधानी
डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जातिगत गणना को बेहद संवेदनशील विषय बताते हुए इसमें विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग से संबंधित प्रविष्टियों को पूरी सावधानी के साथ दर्ज किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रविष्टि को लेकर भ्रम या गलती की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। डीएम ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों में छोटी सी लापरवाही भी भविष्य में सामाजिक विवाद का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक स्तर पर डाटा की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना जरूरी है।
बंद मकानों का दोबारा होगा सर्वेक्षण
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण पूरा किया जा चुका है। अब द्वितीय चरण में वास्तविक व्यक्तियों की गणना की जा रही है। इस दौरान शहरी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बंद मिलने वाले मकानों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन मकानों में सर्वेक्षण के दौरान कोई व्यक्ति नहीं मिलता है, उनका अलग रजिस्टर तैयार किया जाए। ऐसे बंद मकानों का दोबारा सर्वेक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई परिवार या व्यक्ति जनगणना से बाहर न रह जाए।
डिजिटल डाटा का प्रतिदिन करें सत्यापन
डीएम ने जनगणना कार्य में डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटल डाटा और एमआईएस रिपोर्टिंग का प्रतिदिन सत्यापन किया जाए। डाटा में किसी प्रकार की कमी या त्रुटि मिलने पर समय रहते उसका समाधान किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर डाटा फ्रीज करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान तैयार किया जा रहा डाटा भविष्य की विकास योजनाओं और सरकारी नीतियों के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा। इसलिए फील्ड स्तर से लेकर उच्च स्तर तक प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कार्य करना होगा।
फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना से संबंधित गणना प्रपत्रों की जानकारी दी। इसके साथ ही मोबाइल एप के संचालन और उसके माध्यम से डाटा दर्ज करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर्स की विभिन्न शंकाओं और सवालों का समाधान किया गया। अधिकारियों ने उन्हें फील्ड में आने वाली संभावित समस्याओं से निपटने और सही तरीके से जानकारी दर्ज करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर विकल्प, सर्वेश कुमार शंखवार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।