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बिहार बाढ़: पटना के मनेर में गांवों में घुसा पानी, नाव से स्कूल पहुंच रहे बच्चे

By aonenewstv | Published: Oct 02, 2026 07:07 AM

बिहार बाढ़: मनेर के गांवों में घुसा पानी, नाव से स्कूल जा रहे बच्चे

बिहार में बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पटना जिले के मनेर इलाके में गंगा का पानी दियारा क्षेत्र के निचले इलाकों तक फैल गया है। कई गांव पानी से घिर गए हैं और रास्तों पर जलजमाव के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें जलमग्न रास्तों के बीच नाव के सहारे स्कूल जाना पड़ रहा है।

हल्दी छपरा और इस्लामगंज में बाढ़ का असर

गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद मनेर के दियारा इलाके में बाढ़ का पानी निचले क्षेत्रों में फैल गया है। हल्दी छपरा और इस्लामगंज समेत कई गांव चारों तरफ पानी से घिर गए हैं। गांवों की गलियां और आने-जाने वाले रास्ते जलमग्न होने से ग्रामीणों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है।

रिहायशी इलाकों तक पानी पहुंचने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर खेतों में खड़ी फसलें और पशुओं के लिए रखा चारा भी पानी में डूब गया है। इससे किसानों और पशुपालकों के सामने आर्थिक और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।

नाव से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

बाढ़ के कारण सामान्य सड़क मार्ग प्रभावित होने से स्कूली बच्चों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चे नदी और बाढ़ के पानी के बीच नाव से स्कूल पहुंच रहे हैं। ऐसे हालात में बच्चों की सुरक्षा और उनकी पढ़ाई दोनों को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

मनेर के दियारा क्षेत्र में नाव अब कई लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन बन गई है। जलमग्न रास्तों के कारण पैदल या दूसरे सामान्य साधनों से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना कठिन हो गया है।

मंदिर और सरकारी संस्थान भी प्रभावित

बाढ़ का पानी केवल खेतों और रास्तों तक सीमित नहीं रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मंदिरों और सरकारी संस्थानों तक भी पानी पहुंच गया है। इससे इन स्थानों पर आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।

दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए रोजमर्रा के काम भी चुनौती बन गए हैं। बाजार, स्कूल और दूसरी जरूरी जगहों तक पहुंचने के लिए उन्हें जलमग्न रास्तों और पानी से घिरे इलाकों के बीच से गुजरना पड़ रहा है।

किसानों के सामने भी बढ़ी मुश्किल

बाढ़ के पानी में खेतों की फसलें और पशुओं का चारा डूबने से किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पानी कम होने के बाद भी फसल और चारे को हुए नुकसान का असर लोगों की आजीविका पर पड़ सकता है।

पटना के मनेर समेत गंगा के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पर लोगों की नजर बनी हुई है। प्रभावित ग्रामीण जलस्तर कम होने और जनजीवन के जल्द सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

पटना में गंगा का जलस्तर भी चिंता का कारण

मनेर के ग्रामीण इलाकों के साथ पटना के दूसरे हिस्सों में भी गंगा के बढ़े जलस्तर का असर दिखाई दिया है। 1 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, गांधी घाट, मनेर और हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ था, हालांकि कुछ स्थानों पर पानी घटने की प्रवृत्ति दर्ज की गई थी।

ऐसे में मनेर के दियारा इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का पानी कम होना सबसे बड़ी राहत होगी। फिलहाल कई गांवों में पानी और जलजमाव के कारण जनजीवन प्रभावित बना हुआ है।

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