बागपत ऑनलाइन शादी: मैट्रिमोनियल साइट से प्यार, आर्य समाज मंदिर में शादी के बाद पति की तलाश में पहुंची पत्नी
बागपत। सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट के जरिए शुरू हुई दोस्ती प्यार और फिर शादी तक पहुंची, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही मामला विवाद में बदल गया। गाजियाबाद के लोनी की रहने वाली ऊषा का दावा है कि उसने बागपत के लुहारी गांव निवासी सूरज से ऑनलाइन मुलाकात के बाद 23 जुलाई 2026 को दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में शादी की थी। अब महिला अपने पति के साथ रहने और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर बागपत पहुंची है।
ऊषा के मुताबिक, मई 2026 में उसकी मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट के जरिए सूरज से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। बातचीत के दौरान दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। महिला का दावा है कि शादी के बाद कुछ समय तक दोनों पति-पत्नी की तरह रहे, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं।
शादी के बाद पति को घर ले जाने की बात पर टालमटोल
ऊषा का आरोप है कि शादी के बाद जब उसने सूरज से उसे अपने परिवार के पास ले जाने के लिए कहा तो वह परिवार को मनाने की बात कहकर मामले को टालता रहा। महिला के अनुसार, सूरज उसे भरोसा देता था कि सही समय आने पर वह उसे अपने साथ रखेगा।
ऊषा का कहना है कि सूरज ने खुद को सेना में होने की बात भी बताई थी। उसने कथित तौर पर वर्दी में अपनी तस्वीरें भेजीं और बताया कि उसकी ड्यूटी लद्दाख में है। महिला के अनुसार, सूरज ने कहा था कि ड्यूटी से लौटने के बाद वह सारी स्थिति ठीक कर देगा।
लद्दाख जाने के बाद फोन पर भी मिलने लगे बहाने
महिला के मुताबिक, सूरज के लद्दाख जाने की बात कहने के बाद वह उसके लौटने का इंतजार करती रही। लेकिन समय बीतने के बाद भी सूरज उसके पास नहीं आया। ऊषा का कहना है कि वह लगातार फोन करती रही, लेकिन हर बार उसे अलग-अलग कारण बताकर मामला टाल दिया जाता था।
इसके बाद ऊषा ने खुद बागपत जाकर अपने पति से मिलने का फैसला किया। वह सूरज के गांव लुहारी पहुंची और उससे मुलाकात करने की कोशिश की।
पति के गांव पहुंचने पर बढ़ा विवाद
ऊषा का आरोप है कि सूरज के घर पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई और पुलिस को भी बुलाना पड़ा। महिला ने पुलिस के सामने अपनी शिकायत रखी। उसका यह भी आरोप है कि उसे धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
महिला के अनुसार, सूरज के परिवार की ओर से उसे बताया गया कि सूरज को परिवार से बेदखल कर दिया गया है। ऊषा का कहना है कि जब उसने इस संबंध में प्रमाण मांगा तो उसके साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई।
डीएम कार्यालय पहुंची महिला
स्थानीय स्तर पर मामला सुलझता नहीं देख ऊषा बागपत जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। महिला का कहना है कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उसका दावा है कि उसके पास आर्य समाज मंदिर में हुई शादी का प्रमाण पत्र भी मौजूद है। हालांकि, जिलाधिकारी से उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उसने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखने का प्रयास किया।
सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद पुलिस ने लिया संज्ञान
मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बागपत पुलिस ने भी इसका संज्ञान लिया है। पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। अब जांच में शादी से जुड़े दस्तावेजों, दोनों के बीच हुई बातचीत और महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की वास्तविकता की जांच की जाएगी।
महिला ने सूरज के सेना में होने का दावा भी किया है। ऐसे में जांच के दौरान उसकी पहचान और इस दावे की भी पुष्टि की जा सकती है। फिलहाल मामला जांच के स्तर पर है और महिला की ओर से लगाए गए आरोपों पर पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।