LANGUAGE ▾
FRI, AUG 21, 2026 | UPDATED 04:07 AM IST

‘बस घर बना देना साहेब…’ बाढ़ में डूब गया सब कुछ, लेकिन 10 साल के विरल का इंजीनियर बनने का सपना नहीं टूटा

गुजरात: में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे ज्यादा असर नवसारी और सूरत जिलों में देखने को मिला, जहां भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने सैकड़ों घरों को जलमग्न कर दिया और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस प्राकृतिक आपदा के बीच नवसारी के 10 वर्षीय विरल की कहानी लोगों के दिलों को छू रही है।

कमर तक भरे पानी के बीच खड़ा विरल अपने टूटे हुए घर को देखता है, लेकिन उसके चेहरे पर निराशा से ज्यादा उम्मीद दिखाई देती है। उसका सपना आज भी वही है—बड़ा होकर इंजीनियर बनना और अपनी मां के लिए एक मजबूत घर बनाना।

24 घंटे की बारिश ने बदले हालात

मौसम की मार इस बार गुजरात के कई हिस्सों पर भारी पड़ी। नवसारी जिले में शुक्रवार और शनिवार के बीच केवल 24 घंटे में 400 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं और कई रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया।

सैकड़ों मकान जलमग्न हो गए, सड़कें डूब गईं और हजारों परिवारों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी, जबकि अनेक परिवार अब भी अपने घरों में पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं।

विरल का घर बाढ़ में डूब गया

नवसारी के एक प्रभावित इलाके में रहने वाले 10 वर्षीय विरल का घर भी बाढ़ की चपेट में आ गया। पानी घर के अंदर तक भर गया, जिससे दरवाजे, बिस्तर और घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गए।

परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना बन गई है। घर का रसोईघर उपयोग के लायक नहीं बचा, इसलिए परिवार कमरे में ही खाना बनाने को मजबूर है।

विरल ने बताया कि साफ पानी और भोजन की व्यवस्था करना भी बेहद कठिन हो गया है। उसकी बहन दीपिशा को पीने का पानी लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है।

‘बस घर बना देना साहेब…’

बाढ़ के बीच विरल की एक भावुक अपील ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उसने अधिकारियों से कहा,

“साहेब… बस हमारा घर बना देना।”

उसकी यह छोटी-सी इच्छा आज हजारों बाढ़ प्रभावित परिवारों की उम्मीदों का प्रतीक बन गई है।

विरल ने यह भी कहा कि वह भगवान से प्रार्थना करता है कि ऐसी स्थिति दोबारा कभी न आए, क्योंकि बाढ़ ने उनके परिवार का सब कुछ छीन लिया है।

सपनों पर नहीं पड़ा असर

हालांकि बाढ़ ने विरल का घर छीन लिया, लेकिन उसके सपनों को नहीं तोड़ पाई। घर की दीवारों पर लगे उसके मेडल इस बात का प्रमाण हैं कि वह पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करता रहा है।

विरल का सपना इंजीनियर बनने का है। वह चाहता है कि भविष्य में मेहनत करके अपनी मां की मदद करे और ऐसा मजबूत घर बनाए, जिसे किसी बाढ़ से नुकसान न पहुंचे।

उसकी यह सोच विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत और सकारात्मक सोच का उदाहरण बनकर सामने आई है।

सूरत में भी भारी नुकसान

नवसारी के अलावा सूरत भी बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। विशेष रूप से शांतादेवी क्षेत्र की कई डायमंड फैक्ट्रियों में पानी भर गया।

रिपोर्टों के अनुसार, करीब 300 डायमंड फैक्ट्रियों में लगभग पांच फीट तक पानी भर गया, जिससे मशीनों और उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा। उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।

इसका असर हजारों डायमंड कारीगरों पर भी पड़ा है। उद्योग पहले से ही मंदी की मार झेल रहा था और कर्मचारियों को सप्ताह में सीमित दिनों का ही काम मिल रहा था। अब बाढ़ के कारण रोजगार और आय दोनों पर अतिरिक्त संकट आ गया है।

राहत और बचाव कार्य जारी

प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है तथा भोजन, पीने का पानी और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top