पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से की वीडियो कॉल, भावुक हुए बहादुर पायलट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की सराहना की और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उनसे बात करना उनके लिए बेहद खास पल है।
पीएम मोदी ने की बहादुरी की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस, सूझबूझ और मुश्किल हालात में धैर्य बनाए रखने की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है और भारत को उन पर गर्व है। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित को भरोसा दिलाया कि देश उनकी स्वदेश वापसी का इंतजार कर रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि मुश्किल समय में उन्हें हिम्मत कहां से मिली। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके आदर्श हैं। प्रधानमंत्री से बात करते हुए वह भावुक हो गए।
फ्लाईदुबई की उड़ान में हुआ था हमला
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के पायलट थे। यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। बुधवार को उड़ान के दौरान कॉकपिट में उनके ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के दौरान विमान में करीब 174 लोग सवार थे।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिससे केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद मिली। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी।
मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा का किया स्मरण
रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि घटना के समय वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। कठिन परिस्थिति में भी उन्होंने धैर्य और साहस बनाए रखा। उनकी इसी सूझबूझ को विमान में सवार लोगों की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
इलाज के लिए अबू धाबी में हैं कैप्टन स्मित
घटना के बाद कैप्टन स्मित को सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में शुरुआती उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज और स्वास्थ्य लाभ के लिए अबू धाबी स्थानांतरित किया गया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी उनकी सेहत पर नजर रखने और परिवार के संपर्क में रहने की जानकारी दी थी।
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री मोदी सहित कई लोगों ने सराहना की है। इस घटना ने मुश्किल हालात में दूसरों की जान बचाने के लिए उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सामने रखा है।