नेशनल पब्लिक स्कूल के वार्षिक उत्सव में गूंजा नमामि गंगे का संदेश, विद्यार्थियों ने बिखेरे संस्कृति के रंग
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गंगा की स्वच्छता, पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित।
नेशनल पब्लिक स्कूल, राजेंद्र नगर में वार्षिक उत्सव हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष विद्यालय का वार्षिक उत्सव पूरी तरह से ‘नमामि गंगे’ विषय पर आधारित रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज को गंगा नदी की स्वच्छता, पवित्रता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गंगा के महत्व और उसके संरक्षण का संदेश दिया।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों, विद्यालय के अध्यक्ष शांतनु शर्मा, उपाध्यक्ष प्रियांशु शर्मा और प्रधानाचार्या रीना शर्मा की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक और गरिमामय वातावरण में हुई।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या रीना शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपलब्धियों तथा विद्यालय की प्रगति से संबंधित जानकारी साझा की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखा नमामि गंगे का संदेश
वार्षिक उत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने ‘नमामि गंगे’ थीम पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में गंगा के अवतरण, उसके ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व और वर्तमान समय में नदी को स्वच्छ रखने की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में गंगा के प्रति श्रद्धा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी को भी प्रमुखता दी गई। मार्मिक दृश्यों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां भी दी गईं। इसके साथ ही गंगा के महत्व और उसकी पवित्रता को दर्शाते गीतों ने पूरे माहौल को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। विद्यार्थियों की प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की
समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन और विद्यालय द्वारा ‘नमामि गंगे’ जैसी महत्वपूर्ण विषयवस्तु चुनने की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अतिथियों ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और अपने संस्कारों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
वार्षिक उत्सव के दौरान पूरे वर्ष शैक्षणिक, खेलकूद और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।
इस सम्मान समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना था। विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने विद्यालय की शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी को भी प्रदर्शित किया।
गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में पप्पू पहलवान, पार्षद राहुल शर्मा, संजीव शर्मा, इंडो वैली स्कूल के चेयरमैन आलोक शर्मा, सचिन शर्मा और चौकी प्रभारी अनुज कुमार सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अभिभावकों और शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा बच्चों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समारोह का समापन
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने समारोह में शामिल सभी अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय प्रबंधन के सहयोग की सराहना की गई।
इसके बाद राष्ट्रगान के साथ वार्षिक उत्सव का गरिमापूर्ण समापन हुआ। ‘नमामि गंगे’ की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से जोड़ने का संदेश दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने यह प्रेरणा दी कि गंगा की स्वच्छता और प्रकृति की रक्षा के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।