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नीरजा चतुर्वेदी सख्त: शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर शिक्षकों को कड़े निर्देश

शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर बीईओ नीरजा चतुर्वेदी सख्त, शिक्षकों को दिए कड़े निर्देश, निपुण लक्ष्य समय से पूरा करने पर जोर

मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के विकासखंड सुल्तानगंज में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नवागत खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) नीरजा चतुर्वेदी ने कार्यभार संभालते ही सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने एआरपी, न्याय पंचायत प्रभारियों और संकुल शिक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में संचालित शैक्षिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। बैठक के दौरान शैक्षिक कार्यों में लापरवाही और निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को कड़े निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें और विद्यालयों में शिक्षण गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करें।

निपुण प्लस ऐप और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा

बैठक के दौरान नीरजा चतुर्वेदी ने निपुण प्लस ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों का नियमित आकलन कराने की स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही कार्यपुस्तिकाओं के प्रभावी उपयोग, डिजिटल बोर्ड, गणित-विज्ञान किट और विद्यालयों में उपलब्ध शिक्षण सामग्री की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर का नियमित मूल्यांकन किया जाए और जहां कमियां सामने आएं, वहां विशेष प्रयास कर सुधार किया जाए। बेसलाइन असाइनमेंट को समय से पूरा कराने के साथ ही शिक्षकों द्वारा किए जा रहे शैक्षिक नवाचारों को उद्गम पोर्टल पर अपलोड कराने के भी निर्देश दिए गए।

मिशन ज्योतिर्गमय और कायाकल्प योजना पर विशेष जोर

खंड शिक्षा अधिकारी ने मिशन ज्योतिर्गमय और कायाकल्प योजना के अंतर्गत विद्यालयों में निर्धारित 19 पैरामीटर को पूरा कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं और शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं।

उन्होंने संकुल शिक्षक बैठकों में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के प्रति नाराजगी व्यक्त की और भविष्य में सभी शिक्षकों की नियमित सहभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय बैठकों और शैक्षिक गतिविधियों में सहभागिता बेहद जरूरी है, क्योंकि इनके माध्यम से विद्यालयों की समस्याओं का समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जा सकता है।

कागजी खानापूर्ति नहीं, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जरूरी

नीरजा चतुर्वेदी ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यालयों में केवल कागजी खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा। वास्तविक प्राथमिकता विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार करना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने सभी शिक्षकों, एआरपी, न्याय पंचायत प्रभारियों और संकुल शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें। निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करें और शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही मिलने पर उसे गंभीरता से लिया जाएगा।

नवागत बीईओ का किया गया स्वागत

वहीं, कार्यभार ग्रहण करने पर एआरपी, प्रधानाध्यापकों और संकुल शिक्षकों ने नवागत खंड शिक्षा अधिकारी नीरजा चतुर्वेदी का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें पुष्पगुच्छ, फूल-मालाएं और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों को पूरा करने और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित करने को लेकर चर्चा की गई।

नीरजा चतुर्वेदी के सख्त निर्देशों से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि विकासखंड सुल्तानगंज में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और विद्यार्थियों के शैक्षिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी और जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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