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ट्रेन की चेन पुलिंग पर रेलवे का सख्त नियम, बिना वजह खींची तो जुर्माना और जेल

By yogesh jindoria | Published: Sep 19, 2026 08:00 AM

ट्रेन की चेन पुलिंग पर रेलवे का सख्त नियम, बिना वजह खींची तो जुर्माना और जेल

भारतीय रेलवे से रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन के कोच में इमरजेंसी अलार्म चेन की सुविधा दी जाती है। इसका इस्तेमाल किसी गंभीर आपात स्थिति में ट्रेन को रोकने के लिए किया जा सकता है। लेकिन बिना उचित और पर्याप्त कारण के चेन खींचना रेलवे कानून के तहत अपराध है।

बिना वजह चेन खींचने पर क्या होगा?

रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित और पर्याप्त कारण के ट्रेन में संचार के साधन में हस्तक्षेप करना या अलार्म चेन का इस्तेमाल करना दंडनीय है। इसमें एक साल तक की जेल, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। कानून में पहली बार दोषसिद्धि पर कम से कम 500 रुपये और दूसरी या उसके बाद की दोषसिद्धि पर तीन महीने की जेल का प्रावधान भी दिया गया है, जब तक अदालत विशेष कारण दर्ज करके अलग फैसला न करे।

किन परिस्थितियों में चेन खींच सकते हैं?

अलार्म चेन का इस्तेमाल वास्तविक आपात स्थिति में किया जाना चाहिए। रेलवे के अनुसार किसी यात्री की गंभीर मेडिकल इमरजेंसी, ट्रेन से किसी यात्री का गिरना, आग लगना या गंभीर सुरक्षा/अपराध संबंधी घटना जैसी परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऐसी स्थिति में चेन खींचने का उद्देश्य ट्रेन के चालक दल को तुरंत खतरे की जानकारी देना और ट्रेन को रोकना होता है। आपात स्थिति खत्म होने के बाद रेलवे कर्मचारी मामले की जांच करते हैं और ट्रेन को आगे रवाना किया जाता है।

चेन खींचने से ट्रेन कैसे रुकती है?

ट्रेन की अलार्म चेन ब्रेक सिस्टम से जुड़ी होती है। चेन खींचने पर ब्रेक पाइप का एयर प्रेशर कम होता है, जिसके बाद लोको पायलट को इसकी जानकारी मिलती है और ट्रेन को रोकने की प्रक्रिया शुरू होती है। ट्रेन की रफ्तार और परिस्थितियों के आधार पर उसे पूरी तरह रुकने में कुछ समय लग सकता है।

बिना वजह चेन पुलिंग से ट्रेनों पर असर

अलार्म चेन का गलत इस्तेमाल सिर्फ उसी ट्रेन की यात्रा को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पीछे चल रही दूसरी ट्रेनों की समय-सारिणी पर भी असर पड़ सकता है। रेलवे के मुताबिक, अनावश्यक चेन पुलिंग ट्रेन परिचालन में देरी का एक कारण है।

19 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केरल में इस साल सितंबर तक अलार्म चेन पुलिंग के 1,064 मामले सामने आए, जिनमें 594 मामलों को गैर-जरूरी पाया गया। इन घटनाओं के कारण ट्रेनों को कुल 106 घंटे तक रोके जाने की जानकारी सामने आई है।

रेलवे चला रहा है कार्रवाई और जागरूकता अभियान

रेलवे और आरपीएफ की ओर से बिना वजह चेन पुलिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। फिरोजपुर रेल मंडल में अगस्त 2026 के दौरान धारा 141 के तहत 155 मामले दर्ज किए गए और 117 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन मामलों में 24,900 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

रेलवे यात्रियों से लगातार अपील कर रहा है कि छोटी-मोटी असुविधा, स्टेशन छूट जाने या किसी अन्य गैर-आपात स्थिति में अलार्म चेन का इस्तेमाल न करें। चेन केवल ऐसी स्थिति में खींची जानी चाहिए, जिसमें यात्री की सुरक्षा या किसी अन्य व्यक्ति की जान को तत्काल खतरा हो।

इमरजेंसी में क्या करें?

अगर ट्रेन में कोई गंभीर आपात स्थिति पैदा होती है तो यात्री अलार्म चेन का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही मौके पर मौजूद ट्रेन स्टाफ, टीटीई या अन्य रेलवे कर्मचारी को तुरंत सूचना देना भी जरूरी है। सामान्य स्थिति में चेन खींचने के बजाय रेलवे स्टाफ की मदद लेना उचित है।

इसलिए अगली बार ट्रेन में अलार्म चेन दिखाई दे तो याद रखें कि यह सुविधा मनोरंजन या व्यक्तिगत सुविधा के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए है।

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