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अजीत डोभाल का खुलासा: सिक्किम में खुफिया मिशन के दौरान 10 दिन तक गायब हुई टीम, लगा करियर खत्म हो गया

By yogesh jindoria | Published: Sep 19, 2026 07:50 AM

अजीत डोभाल ने सुनाया सिक्किम का मुश्किल खुफिया मिशन, बोले- लगा था करियर खत्म हो गया

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में अपने शुरुआती करियर का एक चुनौतीपूर्ण अनुभव साझा किया। उन्होंने सिक्किम में एक युवा आईपीएस अधिकारी के तौर पर खुफिया जिम्मेदारी संभालने के दौरान हुए एक घटनाक्रम का जिक्र किया। डोभाल ने बताया कि एक खुफिया टीम तय समय पर वापस नहीं लौटी और बाद में उसके चीन की हिरासत में होने की जानकारी मिली।

डोभाल के मुताबिक, उस समय वह 20 के दशक में थे और खुफिया क्षेत्र में नए थे। सिक्किम में उनकी जिम्मेदारी सीमा क्षेत्र में गतिविधियों पर नजर रखने और चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) से जुड़ी जानकारी जुटाने की थी। उन्होंने बताया कि एक खुफिया मिशन के लिए टीम को सीमा क्षेत्र में भेजा गया था और उसे कुछ दिनों में वापस लौटना था।

कई दिनों तक नहीं लौटी टीम

डोभाल ने बताया कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी टीम वापस नहीं आई। पहले कुछ दिन बीते और फिर करीब 10 से 15 दिन तक टीम का कोई पता नहीं चला। उनके लिए यह पेशेवर चिंता के साथ-साथ मानवीय स्तर पर भी गंभीर स्थिति थी, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं था कि टीम के सदस्यों के साथ क्या हुआ है।

बाद में उन्हें जानकारी मिली कि टीम चीनी बलों की हिरासत में है और उससे पूछताछ की गई थी। डोभाल ने बताया कि उस समय उन्हें लगा कि यह घटना उनके करियर का अंत हो सकती है। उन्होंने उस अनुभव को अपने लिए बेहद कठिन और पेशेवर तौर पर गंभीर स्थिति बताया।

जांच में नहीं पाए गए दोषी

डोभाल ने बताया कि इस घटना के बाद मामले की जांच हुई। उन्हें लगा था कि अब उन्हें अपनी नौकरी या करियर को लेकर गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि जांच में उन्हें दोषी नहीं पाया गया। उनके मुताबिक, बाद में यह सामने आया कि मिशन से जुड़े नक्शों और स्केच में खामियां थीं, जिसकी वजह से टीम को कठिनाई का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने इस अनुभव को अपने शुरुआती करियर की एक महत्वपूर्ण सीख के तौर पर पेश किया। डोभाल ने छात्रों को यह संदेश दिया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी अनुभव से सीख लेना और आगे बढ़ना जरूरी है।

IIT रुड़की के 2,701 छात्रों को मिलेंगी डिग्रियां

आईआईटी रुड़की का 2026 का दीक्षांत समारोह 19 और 20 सितंबर को आयोजित हो रहा है। संस्थान के अनुसार, दो दिनों में कुल 2,701 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की जानी हैं। पहले दिन स्नातक विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं, जबकि दूसरे दिन स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह होगा।

पहले दिन अजीत डोभाल मुख्य अतिथि रहे, जबकि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे भी समारोह में मौजूद रहे।

छात्रों को बताया- टेक्नोलॉजी निभाएगी बड़ी भूमिका

अपने संबोधन में डोभाल ने छात्रों को बदलती दुनिया और तकनीक की बढ़ती भूमिका को लेकर भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा पीढ़ी के सामने तकनीकी विकास और वैश्विक बदलावों के कारण बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने छात्रों से इन अवसरों का इस्तेमाल देश और समाज के विकास में योगदान देने के लिए करने की बात कही।

डोभाल ने अपने पुराने अनुभव को साझा करते हुए यह भी बताया कि करियर में आने वाली कठिन परिस्थितियां हमेशा अंत नहीं होतीं। जांच में दोषमुक्त होने के बाद उनका करियर आगे बढ़ा और बाद में उन्होंने देश की खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

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