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जयपुर में कांग्रेस का बड़ा हल्लाबोल, बैरिकेडिंग पर चढ़े खाचरियावास; पुलिस ने चलाई वाटर कैनन, जानें क्यों भड़का विवाद

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘हिसाब मांगो रैली’ के दौरान माहौल उस समय गरमा गया, जब प्रदर्शनकारी नगर निगम की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शन के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास भी बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़े नजर आए। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस और बैरिकेडिंग के जरिए जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

नगर निगम के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस ने जयपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर ‘हिसाब मांगो रैली’ का आयोजन किया था। पार्टी का आरोप है कि जयपुर के लोगों को सड़क, सफाई, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन मुद्दों को लेकर नगर निगम का घेराव करने का प्रयास किया। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारी नगर निगम की ओर आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। कई कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे जाने की कोशिश करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाया।

बैरिकेड पर चढ़े खाचरियावास

प्रदर्शन के दौरान प्रताप सिंह खाचरियावास भी बैरिकेड पर चढ़ गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर हमला बोला।

खाचरियावास ने कहा कि पुलिस की संख्या बढ़ाने या बैरिकेड लगाने से जनता की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आम लोगों के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली।

‘पृथ्वीराज नगर में एक भी मकान टूटा तो…’

प्रदर्शन के दौरान खाचरियावास ने पृथ्वीराज नगर से जुड़े प्रस्तावित कार्रवाई के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वहां एक भी मकान तोड़ा गया तो कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आम जनता के घरों और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में है। खाचरियावास ने सरकार को चेतावनी देते हुए अपने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही।

हालांकि, पृथ्वीराज नगर में प्रस्तावित कार्रवाई और उससे जुड़े आरोपों को लेकर सरकार या संबंधित प्रशासन का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

सड़क, सफाई और सीवरेज समेत कई मुद्दे उठाए

कांग्रेस की ‘हिसाब मांगो रैली’ केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं रही। पार्टी ने जयपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए।

कांग्रेस नेताओं ने सड़क की स्थिति, सफाई व्यवस्था, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और कर वसूली जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। पार्टी का आरोप है कि शहर की जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है और नगर निगम इन समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं कर पा रहा है।

कांग्रेस ने इन मुद्दों पर नगर निगम से जवाब मांगा और प्रदर्शन के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की।

वाटर कैनन के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव

बैरिकेडिंग के पास वाटर कैनन चलाए जाने के बाद प्रदर्शन ने और राजनीतिक रूप ले लिया। कांग्रेस ने इसे जनता की आवाज को रोकने की कोशिश बताया, जबकि पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सुरक्षा घेरे से आगे बढ़ने से रोकना बताया गया।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्थानीय मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया।

निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन?

जयपुर में हुए इस प्रदर्शन को आगामी निकाय चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम से जुड़े स्थानीय मुद्दे सीधे तौर पर शहर के मतदाताओं से जुड़े हैं। ऐसे में कांग्रेस ने ‘हिसाब मांगो रैली’ के जरिए इन्हें राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की है।

प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और खाचरियावास के आक्रामक तेवरों ने कांग्रेस के अभियान को राजनीतिक धार दी। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच जयपुर के स्थानीय मुद्दों को लेकर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

आगे क्या?

जयपुर में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस अपने आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाती है और नगर निगम तथा राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब आता है।

फिलहाल ‘हिसाब मांगो रैली’ के दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल और खाचरियावास की सरकार को दी गई चेतावनी ने राजस्थान की सियासत में स्थानीय मुद्दों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

जयपुर में कांग्रेस की ‘हिसाब मांगो रैली’ के दौरान बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन में प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही। कांग्रेस ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। अब इस प्रदर्शन के बाद सरकार और नगर निगम की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।

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