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गोबर से होगी मोटी कमाई! मोदी सरकार की ₹23,731 करोड़ की GOBARdhan योजना मंजूर, असम को मिला ₹8,970 करोड़ का सुपर हाईवे

देश: में स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 23,731 करोड़ रुपये की GOBARdhan (National Circular Bioenergy Scheme) को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही असम में गुवाहाटी के बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135.871 किलोमीटर लंबे चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है, जिस पर 8,970.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सरकार का दावा है कि इन दोनों परियोजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, ग्रामीण रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

क्या है GOBARdhan योजना?

GOBARdhan (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) योजना का उद्देश्य गोबर, कृषि अवशेष, नगर निकायों के जैविक कचरे, गन्ना मिलों से निकलने वाले प्रेसमड और अन्य बायोमास का उपयोग करके संपीड़ित बायोगैस (Compressed Bio Gas – CBG) और जैविक खाद का उत्पादन बढ़ाना है।

यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी। सरकार का लक्ष्य है कि देश में CBG उत्पादन कई गुना बढ़े और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हो।

किसानों की आय कैसे बढ़ेगी?

सरकार का मानना है कि इस योजना से किसानों को गोबर और कृषि अवशेष बेचने का नया बाजार मिलेगा।

अब तक खेतों में जलाए जाने वाले कृषि अवशेष और गोबर को CBG संयंत्र खरीदेंगे, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी होगी।

इसके अलावा जैविक खाद के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे खेती की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बायोगैस संयंत्र स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

GOBARdhan योजना में कई अहम प्रावधान किए गए हैं—

  • CBG की सुनिश्चित खरीद ताकि उत्पादकों को स्थायी बाजार मिल सके।
  • प्रशासनिक मूल्य प्रणाली, जिसके तहत CBG का मूल्य लगभग 2,110 रुपये प्रति MMBTU निर्धारित करने का ढांचा तैयार किया जाएगा।
  • पूंजी सहायता, जिसमें पात्र नई परियोजनाओं को प्रति टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता पर अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक सहायता दी जाएगी।
  • गैस पाइपलाइन कनेक्टिविटी, जिससे CBG संयंत्रों को सिटी गैस नेटवर्क से जोड़ा जा सके।
  • क्रेडिट गारंटी, ताकि MSME और अन्य परियोजनाओं को आसान ऋण मिल सके।
  • CBG इकोसिस्टम चैलेंज फंड, जिसके माध्यम से जिला स्तर पर तकनीक, जागरूकता और फीडस्टॉक प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इन उपायों से निजी निवेश भी आकर्षित होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

असम को मिला आधुनिक एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे

कैबिनेट ने असम में बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे को भी मंजूरी दी है।

करीब 135.871 किलोमीटर लंबा यह हाईवे BOT (Build-Operate-Transfer) टोल मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत 8,970.20 करोड़ रुपये है।

हाईवे की सबसे बड़ी खासियत

इस हाईवे की सबसे विशेष बात यह होगी कि तेजपुर बाईपास पर लगभग 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) भी विकसित की जाएगी।

जरूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू और अन्य सैन्य विमान यहां सुरक्षित लैंडिंग कर सकेंगे।

इससे पूर्वोत्तर क्षेत्र में सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध होगी।

पूर्वोत्तर को क्या मिलेगा फायदा?

सरकार के अनुसार यह हाईवे असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करेगा।

इसके प्रमुख लाभ—

  • यात्रा समय में कमी
  • माल परिवहन तेज होगा
  • उद्योग और व्यापार को बढ़ावा
  • पर्यटन क्षेत्र को फायदा
  • लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी

स्वच्छ ऊर्जा और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पर जोर

GOBARdhan योजना को सरकार ‘वेस्ट टू वेल्थ’ यानी कचरे को संपत्ति में बदलने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

गोबर और जैविक कचरे का वैज्ञानिक उपयोग करने से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलेगी।

इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और आयातित ईंधन पर निर्भरता घटाने में सहायता मिलेगी।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो किसानों, डेयरी संचालकों, सहकारी समितियों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए आय के नए स्रोत खुल सकते हैं।

वहीं नई सड़क परियोजना पूर्वोत्तर भारत के आर्थिक विकास और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगी।

केंद्रीय कैबिनेट के दो बड़े फैसले—₹23,731 करोड़ की GOBARdhan योजना और ₹8,970 करोड़ के गुवाहाटी-तेजपुर एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे—देश में स्वच्छ ऊर्जा, किसानों की आय, ग्रामीण रोजगार और पूर्वोत्तर भारत के विकास को नई दिशा देने की कोशिश हैं। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को भी बड़ा लाभ मिल सकता है।

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