LANGUAGE ▾
FRI, AUG 21, 2026 | UPDATED 04:07 AM IST

कांग्रेस: ‘यह छात्रों की नहीं, सिस्टम की हार है’, प्रयागराज में संवाद के बाद राहुल गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना

प्रयागराज में छात्रों से संवाद के बाद राहुल गांधी का केंद्र पर हमला

प्रयागराज: में छात्रों से संवाद के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने परीक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और छात्र आंदोलनों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक छात्र से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बावजूद सफलता नहीं मिलने की स्थिति ने उसके परिवार को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया।

राहुल गांधी के मुताबिक, छात्र ने उन्हें बताया कि उसने लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। परिवार की जमीन तक बेचनी पड़ी और माता-पिता पर कर्ज भी हो गया, लेकिन इसके बावजूद उसे सफलता नहीं मिली। राहुल ने इस स्थिति को केवल एक छात्र की व्यक्तिगत असफलता मानने के बजाय परीक्षा और रोजगार व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठाए।

‘यह छात्र की नहीं, सिस्टम की हार है’

राहुल गांधी ने कहा कि जब कोई युवा वर्षों तक मेहनत करता है, परिवार आर्थिक त्याग करता है और इसके बावजूद उसे निष्पक्ष अवसर नहीं मिलता, तो सवाल सिर्फ उस छात्र पर नहीं उठना चाहिए।

उन्होंने इसे व्यवस्था की विफलता बताते हुए कहा कि यह छात्र की नहीं, बल्कि उस सिस्टम की हार है जो उसकी मेहनत का उचित परिणाम देने में असफल रहा।

कांग्रेस नेता ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिले।

अमित शाह पर भी राहुल गांधी ने साधा निशाना

राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने छात्र आंदोलनों के संदर्भ में कहा कि कई दिन बीत जाने के बावजूद छात्रों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से पर्याप्त जवाब नहीं आया है।

राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई और लाठीचार्ज किए जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्र देश की रोशनी हैं और वह उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उनके मुताबिक युवाओं की समस्याओं को केवल विरोध या राजनीतिक मुद्दे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उनके भविष्य से जुड़े सवालों का समाधान तलाशना जरूरी है।

प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम

इससे पहले राहुल गांधी ने प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों से संवाद किया था। कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर बात की।

राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि व्यवस्था में बदलाव नफरत के जरिए नहीं बल्कि प्रेम और संवाद के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रोजगार और सिस्टम को लेकर केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला भी बोला। उन्होंने मंच से कहा कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं और इसके लिए मौजूदा व्यवस्था जिम्मेदार है।

परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक फिर राजनीतिक मुद्दा

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर लंबे समय से राजनीतिक बहस जारी है। छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों की ओर से समय-समय पर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, समय पर भर्ती और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाती रही है।

राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को प्रयागराज में छात्रों के बीच उठाया। उनका कहना है कि जब युवा वर्षों तक मेहनत और तैयारी करते हैं, तो परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य पर सीधा असर डालती है।

कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाती रही है। वहीं, परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार और संबंधित एजेंसियां अपने स्तर पर अलग-अलग कदम उठाती रही हैं। ऐसे में छात्रों की शिकायतों और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।

छात्रों के मुद्दे पर सियासत तेज

प्रयागराज में राहुल गांधी के छात्र संवाद के बाद छात्रों के मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। कांग्रेस इसे युवाओं और बेरोजगार अभ्यर्थियों की आवाज बता रही है, जबकि आने वाले समय में सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर भर्ती और युवाओं को रोजगार के अवसर देने के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस किस दिशा में जाती है।

प्रयागराज में छात्रों से संवाद के बाद राहुल गांधी ने परीक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और छात्र आंदोलनों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। एक छात्र की आर्थिक और व्यक्तिगत परेशानियों का हवाला देते हुए उन्होंने इसे व्यवस्था की विफलता बताया। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सरकार राहुल गांधी के इन आरोपों और छात्रों से जुड़े सवालों पर क्या जवाब देती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top