📅 Loading Date & Time...
होम > राज्य > न्यूज़

कतर्नियाघाट तेंदुआ रेस्क्यू: बाढ़ से बढ़ी मुश्किलें, 15 तेंदुए और 2 मगरमच्छ रेस्क्यू किए गए

By yogesh jindoria | Published: Sep 16, 2026 06:29 AM

कतर्नियाघाट में बाढ़ से बढ़ी वन्यजीवों की मुश्किलें, आबादी में पहुंचे तेंदुए और मगरमच्छ

उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र में बाढ़ और जलभराव के कारण इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। जंगल के कई हिस्सों में पानी भरने के बाद तेंदुए और मगरमच्छ सुरक्षित जमीन की तलाश में आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहे हैं। वन विभाग लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर इन वन्यजीवों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है।

अब तक 15 तेंदुए और 2 मगरमच्छ रेस्क्यू

वन विभाग के मुताबिक, 21 जुलाई से अब तक आबादी वाले इलाकों से 15 तेंदुओं और 2 मगरमच्छों को रेस्क्यू किया गया है। इन्हें बाढ़ के पानी से सुरक्षित जंगल के उन हिस्सों में छोड़ा गया, जहां जलभराव नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण कतर्नियाघाट के जंगल में जलस्तर बढ़ा है।

पानी बढ़ने के बाद जंगल के कई हिस्से जलमग्न हो गए। ऐसे में वन्यजीवों ने सुरक्षित जमीन और भोजन की तलाश में जंगल से बाहर निकलकर आसपास के रिहायशी इलाकों का रुख किया। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों के बीच भी चिंता बढ़ गई है।

बंद स्टोर में फंसा 10 साल का तेंदुआ

मंगलवार सुबह मिहींपुरवा के वार्ड नंबर 6 में सिंचाई विभाग के बंद स्टोर में करीब 10 साल का एक नर तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। उसका वजन लगभग 50 से 55 किलोग्राम बताया गया है। वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया।

इससे एक दिन पहले ककरहा रेंज के रामसहाय पुरवा इलाके से भी एक वयस्क नर तेंदुए को पकड़ा गया था। वन विभाग प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाकर तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

घरों तक पहुंचे मगरमच्छ

बाढ़ के पानी के बहाव के कारण मगरमच्छ भी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच गए। मंगलवार को पैरुआ गांव के एक घर और मिहींपुरवा नगर क्षेत्र में दो मगरमच्छों को रेस्क्यू किया गया। इन्हें पकड़ने के लिए विशेष मगरमच्छ पकड़ने वाले पिंजरों का इस्तेमाल किया गया। रेस्क्यू के बाद दोनों मगरमच्छों को नदी में छोड़ दिया गया।

वन विभाग के अनुसार, 1 जनवरी से अब तक कुल 20 तेंदुओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जा चुका है।

वन विभाग ने लोगों को किया सतर्क

कतर्नियाघाट क्षेत्र में हाल के दिनों में तेंदुओं की मौजूदगी और हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में बाढ़ के बीच जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों की ओर आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने लोगों से बाढ़ वाले इलाकों, नदियों और नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।

अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि यदि किसी जंगली जानवर को आबादी के पास देखा जाए तो उसके आसपास भीड़ न लगाएं और उसे परेशान करने की कोशि

Scroll to Top