औरैया एमएलसी चुनाव 2026: भाजपा-सपा आमने-सामने, अजीतमल में बूथ कैप्चरिंग और मारपीट के आरोपों पर सियासी घमासान
भाजपा जिला उपाध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा का सपा पर पलटवार, बोले—भाजपा को समाजवादी पार्टी से निष्पक्षता का प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं
अजीतमल, औरैया। आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर औरैया जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अजीतमल विकासखंड में मतदान के दौरान कथित बूथ कैप्चरिंग और मारपीट के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा ने सपा पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को समाजवादी पार्टी से निष्पक्षता का प्रमाण पत्र लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
अजीतमल में चुनावी विवाद की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, बूथ कैप्चरिंग और मारपीट के आरोपों की आधिकारिक अथवा स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा नेता सौरभ भूषण शर्मा ने सपा पर साधा निशाना
भाजपा जिला उपाध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा ने समाजवादी पार्टी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा सरकार सुशासन और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि जिले में चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जा रहा है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को लेकर प्रशासन को जानकारी दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को समाजवादी पार्टी से निष्पक्षता का प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है। चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करना प्रशासन और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
सौरभ भूषण शर्मा ने मीडिया की भूमिका का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी मतदान केंद्र पर अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायत सामने आती है, तो मीडिया को उसे प्रमुखता से प्रकाशित कर शासन और प्रशासन तक पहुंचाना चाहिए।
वर्ष 2017 से पहले के ब्लॉक प्रमुख चुनाव का उठाया मुद्दा
भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार करते हुए वर्ष 2017 से पहले बिधूना में हुए ब्लॉक प्रमुख चुनाव का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने रेखा वर्मा को ब्लॉक प्रमुख बनाए जाने से जुड़ी घटनाओं और तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बिधूना पहुंचने का जिक्र किया। सौरभ भूषण शर्मा ने इन घटनाओं का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी की चुनावी निष्पक्षता संबंधी टिप्पणियों पर सवाल उठाए।
हालांकि, उनके द्वारा उठाए गए पुराने घटनाक्रम से संबंधित आरोपों की इस रिपोर्ट में स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
अजीतमल में सपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन
दूसरी ओर, अजीतमल विकासखंड में मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि शिक्षक निर्वाचन के बूथ संख्या 139 और स्नातक निर्वाचन के बूथ संख्या 223 पर बूथ कैप्चरिंग तथा मारपीट की घटनाएं हुईं।
इन आरोपों को लेकर कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और सड़क पर बैठकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
हालांकि, आरोप लगाने वाले कार्यकर्ताओं के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित घटनाओं के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पहुंचे मौके पर
अजीतमल में हंगामे और विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ।
जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों की मौजूदगी के बीच मतदान से जुड़े विवाद और प्रदर्शन की स्थिति प्रशासन के संज्ञान में आई।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर बूथ कैप्चरिंग अथवा मारपीट के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
ऐसे में आरोपों की वास्तविकता और घटनाक्रम की पूरी स्थिति संबंधित अधिकारियों की जांच तथा आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।
एक तरफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मतदान प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा नेता इन आरोपों पर पलटवार करते हुए अपनी पार्टी की निष्पक्षता और सुशासन की नीति का दावा कर रहे हैं।
चुनाव के दौरान इस तरह के आरोप सामने आने से मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र मतदाता को बिना किसी दबाव, भय या बाधा के मतदान करने का अधिकार है। इसलिए मतदान केंद्रों पर सामने आने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच और तथ्यों का सार्वजनिक होना महत्वपूर्ण माना जाता है।
आरोपों की पुष्टि और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजर
अजीतमल में हुए विरोध प्रदर्शन और भाजपा-सपा नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी के बाद अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी पर है।
समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए बूथ कैप्चरिंग और मारपीट के आरोप गंभीर हैं, लेकिन किसी भी पक्ष को जिम्मेदार ठहराने से पहले आरोपों की तथ्यात्मक पुष्टि आवश्यक है।
वहीं, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा के बयान ने राजनीतिक विवाद को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने पुराने चुनावी घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए सपा के आरोपों का जवाब दिया है।
फिलहाल औरैया एमएलसी चुनाव 2026 को लेकर अजीतमल में सामने आए आरोपों और विरोध प्रदर्शन से राजनीतिक सरगर्मी तेज है। मामले की वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच और प्रशासनिक स्पष्टीकरण के बाद ही पूरी तरह सामने आ सकेगी।
बाइट: सौरभ भूषण शर्मा, जिला उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, औरैया।