गुजरात: के वडोदरा से एक गंभीर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। शहर के सयाजी अस्पताल में इलाज के लिए लाए गए दुष्कर्म के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत से फरार होकर पुलिस प्रशासन को चुनौती दे दी। आरोपी ने अस्पताल के भीतर तैनात एक कांस्टेबल को धक्का देकर मौके से भागने में सफलता हासिल की। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपी की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है।
पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में नाकेबंदी कर दी है। साथ ही आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।
इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था आरोपी
जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का गंभीर मामला दर्ज है और वह पुलिस हिरासत में था। स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आने पर उसे इलाज के लिए वडोदरा के सयाजी अस्पताल लाया गया।
अस्पताल के स्किन (त्वचा) विभाग में डॉक्टर उसकी जांच कर रहे थे। इस दौरान सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसी दौरान आरोपी ने अचानक मौका देखकर ड्यूटी पर मौजूद कांस्टेबल को धक्का दिया और अस्पताल परिसर से फरार हो गया।
पलक झपकते ही हुआ फरार
घटना इतनी तेजी से हुई कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी अस्पताल परिसर से निकल चुका था।
कुछ ही मिनटों में पूरे अस्पताल और पुलिस विभाग में अफरा-तफरी मच गई। वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई और पूरे शहर में आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई।
ड्रोन और CCTV की मदद से चल रही तलाश
फरार आरोपी को जल्द पकड़ने के लिए वडोदरा पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है।
पुलिस की ओर से—
- अस्पताल परिसर के आसपास ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।
- अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- आरोपी के भागने के संभावित रास्तों की पहचान की जा रही है।
- शहर के प्रमुख मार्गों और निकास बिंदुओं पर नाकेबंदी की गई है।
- कई पुलिस टीमें अलग-अलग दिशाओं में तलाशी अभियान चला रही हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिस हिरासत में बंद आरोपियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर अपराधों में गिरफ्तार आरोपियों को अस्पताल ले जाते समय अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए। अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा में छोटी सी चूक भी आरोपी को फरार होने का मौका दे सकती है।
हालांकि पुलिस पूरे मामले की आंतरिक जांच भी कर रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में आखिर किस स्तर पर चूक हुई।
आंतरिक जांच भी हो सकती है
सूत्रों के अनुसार, आरोपी के फरार होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है।
यदि जांच में सुरक्षा में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी संभव है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
आरोपी की गिरफ्तारी प्राथमिकता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना है।
इसके लिए शहर के सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है। आसपास के जिलों की पुलिस को भी सूचना भेजी गई है ताकि आरोपी राज्य की सीमा से बाहर न निकल सके।
अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर बहस
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि पुलिस हिरासत में मौजूद आरोपियों को अस्पताल ले जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अस्पतालों में हाई-रिस्क कैदियों के लिए अलग सुरक्षा प्रोटोकॉल, अतिरिक्त पुलिस बल और तकनीकी निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है।
वडोदरा के सयाजी अस्पताल से दुष्कर्म के आरोपी का फरार होना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल पूरे शहर में सघन तलाशी अभियान जारी है और ड्रोन व CCTV की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है। घटना ने पुलिस हिरासत में बंद आरोपियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई और जिम्मेदारी किसकी थी।