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असम कांग्रेस काफिले पर हमला: गौरव गोगोई-भूपेश बघेल के काफिले पर पथराव, चुनाव आयोग से जांच की मांग

By yogesh jindoria | Published: Sep 22, 2026 11:51 AM

असम कांग्रेस काफिले पर हमला: गौरव गोगोई-भूपेश बघेल के काफिले पर पथराव, चुनाव आयोग से जांच की मांग

गुवाहाटी: असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पार्टी उम्मीदवार शिवामोनी बोरा और अन्य नेताओं के काफिले को निशाना बनाया गया। कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

घटना सोमवार, 21 सितंबर को नगांव जिले के समागुड़ी इलाके में सामने आई। कांग्रेस नेताओं का काफिला बारमा बाजार से लोरिमुख में आयोजित चुनावी सभा के लिए जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, इलाके में विरोध प्रदर्शन और काले झंडे दिखाए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बाद में कांग्रेस के काफिले पर पथराव की घटना सामने आई।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता नासिर हुसैन ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग से मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगांव के डीसी और एसपी से रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए और घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक विपक्षी नेताओं, उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को पर्याप्त सुरक्षा देने की भी मांग की है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं का एक पैटर्न दिखाई देता है। हालांकि, इन आरोपों और घटनाओं के बीच संबंध को लेकर स्वतंत्र जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे समागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के बारमा बाजार में बीजेपी समर्थक कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाने के लिए जमा हुए थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वहां से गुजरने के दौरान ‘गो बैक’ के नारे लगाए गए, जिसके बाद तनाव बढ़ गया।

इसके बाद कांग्रेस का काफिला चुनावी सभा के लिए आगे बढ़ गया। सभा खत्म होने के बाद जब काफिला वापस उसी इलाके से गुजरा, तो वाहनों पर कथित तौर पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। कांग्रेस का कहना है कि इस दौरान कई वाहनों के शीशे टूटे और पार्टी के कुछ नेताओं को चोटें आईं।

पुलिस और सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। Aaj Tak की रिपोर्ट के मुताबिक, पथराव और हमले के मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

मनोज चौहान के घायल होने का दावा

कांग्रेस ने दावा किया कि पार्टी के AICC सचिव मनोज चौहान को पत्थर लगने से चोट आई। पार्टी के अनुसार उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि घटना को कवर कर रहे कुछ पत्रकारों के साथ भी मारपीट हुई। इन दावों की पूरी परिस्थितियों और चोटों की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अलग से सामने आना बाकी है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रशासन को पहले से संभावित तनाव की जानकारी दी गई थी। पार्टी ने सवाल उठाया कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करने में देरी क्यों हुई।

गौरव गोगोई ने क्या कहा?

घटना के बाद गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि उनके और भूपेश बघेल के वाहन पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की ओर से पुलिस को पहले ही भीड़ को नियंत्रित करने का अनुरोध किया गया था।

कांग्रेस ने इस घटना को चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बीजेपी और हिमंत बिस्वा सरमा का अलग पक्ष

घटना को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के आरोपों को अलग तरीके से पेश किया। उनके अनुसार समागुड़ी में हुई हिंसा के पीछे कांग्रेस के अंदर के गुटों के बीच विवाद भी एक कारण हो सकता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपने आंतरिक मतभेदों को नियंत्रित करने की बात कही।

वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। इस तरह घटना के कारण और जिम्मेदारी को लेकर कांग्रेस तथा बीजेपी पक्ष के दावे अलग-अलग हैं।

चुनाव आयोग से कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। पार्टी चाहती है कि घटना से संबंधित एफआईआर और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की भी मांग की है।

6 अक्टूबर को होगा नगांव उपचुनाव

नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद हो रहा है। बोरदोलोई ने लोकसभा सदस्यता छोड़कर असम विधानसभा चुनाव में दिसपुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर 2026 को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।

चुनाव प्रचार के बीच हुई इस घटना ने नगांव में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और हमले की जिम्मेदारी तथा घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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