अलवर सड़क हादसा: पिकअप पलटने से 17 साल के विकास की मौत, हादसे के बाद दोस्त हुआ फरार
अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 17 वर्षीय युवक विकास मेघवाल की मौत हो गई। हादसा रामगढ़ के बहादुरपुर मार्ग पर बैडोद गांव की सीमा में खातियों की ढाणी के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में विकास वाहन के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि हादसे के बाद विकास के साथ मौजूद उसका दोस्त मौके से चला गया। रातभर विकास का शव घटनास्थल पर ही पड़ा रहा। शनिवार सुबह राहगीरों ने पलटी हुई पिकअप देखी, जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
सुबह राहगीरों ने देखा पलटा हुआ वाहन
जानकारी के मुताबिक, हादसा शुक्रवार देर रात बहादुरपुर मार्ग पर हुआ था। पिकअप पलटने के बाद विकास उसमें फंस गया था। रात के समय घटनास्थल पर किसी की नजर नहीं पड़ी। शनिवार सुबह जब राहगीर वहां से गुजरे तो उन्हें सड़क किनारे पलटा हुआ पिकअप दिखाई दिया।
राहगीरों ने पास जाकर देखा तो वाहन के नीचे एक युवक का शव पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हादसे की परिस्थितियों को समझने के लिए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
हादसे के बाद दोस्त के चले जाने की बात
इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा विकास के साथ मौजूद उसके दोस्त के हादसे के बाद वहां से चले जाने को लेकर है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय विकास के साथ उसका दोस्त भी था। पिकअप के पलटने के बाद दोस्त वहां से चला गया, जबकि विकास वाहन के नीचे फंसा रह गया।
रातभर मदद नहीं मिलने के कारण विकास का शव घटनास्थल पर पड़ा रहा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और हादसे के बाद विकास के दोस्त ने मौके से जाने का फैसला क्यों किया।
हालांकि, हादसे की पूरी परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी। दोस्त के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, यह भी जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगा।
दो भाइयों में बड़ा था विकास
विकास मेघवाल अपने परिवार में दो भाइयों में बड़ा था। वह रामगढ़ कस्बे में एक टेंट व्यवसायी के यहां मजदूरी करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है। विकास की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम पसर गया।
विकास के पिता मजदूरी करते हैं। बेटे की अचानक मौत की खबर से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस उम्र में विकास अपने परिवार के लिए काम कर रहा था, उसी उम्र में सड़क हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद रामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल से वाहन की स्थिति और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की गई।
एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिकअप किस रफ्तार से चल रही थी, वह किस वजह से अनियंत्रित होकर पलटी और हादसे के समय वाहन में कौन-कौन मौजूद था।
पुलिस हादसे से जुड़े लोगों के बयान भी दर्ज कर सकती है। साथ ही घटनास्थल और वाहन की स्थिति के आधार पर दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
रातभर शव पड़े रहने से उठे सवाल
इस हादसे ने एक और गंभीर सवाल खड़ा किया है कि दुर्घटना के बाद घायल या वाहन में फंसे व्यक्ति को समय पर मदद क्यों नहीं मिल सकी। यदि हादसे के तुरंत बाद किसी की नजर पिकअप पर पड़ जाती तो संभव है कि विकास को समय पर सहायता मिल पाती।
हालांकि, यह केवल संभावना का विषय है और विकास को समय पर मदद मिलने पर क्या परिणाम होता, यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। फिलहाल पुलिस का ध्यान हादसे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने पर है।
अलवर के रामगढ़ में हुआ यह सड़क हादसा परिवार के लिए बेहद दुखद है। 17 साल के विकास की मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारण और उसके बाद घटनास्थल से दोस्त के चले जाने की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।