देश: में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने आंदोलन का दायरा और व्यापक करने का संकेत दिया है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित संगठन की कोर टीम की बैठक के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि अब संगठन बेरोजगारी के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगा और इसे देशव्यापी जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में काम करेगा।
दीपके ने कहा कि हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रोजगार का संकट केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों बेरोजगार युवा भी इस समस्या से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में CJP शिक्षा सुधार, रोजगार और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर लगातार अभियान चलाएगी।
जंतर-मंतर आंदोलन से क्या संदेश मिला?
अभिजीत दीपके के अनुसार, जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने इसे इस बात का संकेत बताया कि रोजगार का मुद्दा अब राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है।
दीपके ने कहा कि इस आंदोलन ने दिखा दिया कि युवाओं की आवाज केवल परीक्षा या भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि वे रोजगार, पारदर्शिता और बेहतर अवसरों की मांग भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना युवाओं का अधिकार है और इसी भावना के साथ संगठन आगे बढ़ेगा।
बेरोजगारी को बनाया जाएगा राष्ट्रीय मुद्दा
CJP संस्थापक ने कहा कि संगठन अब केवल किसी एक परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा।
उनके अनुसार, आने वाले समय में देशभर में युवाओं के बीच संवाद स्थापित किया जाएगा और बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस का प्रमुख विषय बनाने की कोशिश होगी।
उन्होंने कहा कि जब तक रोजगार के मुद्दे पर व्यापक जनदबाव नहीं बनेगा, तब तक नीतिगत स्तर पर बड़े बदलाव संभव नहीं होंगे।
शिक्षा सुधार पर भी रहेगा फोकस
अभिजीत दीपके ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय से शिक्षा महंगी होती गई है और कई जगह इसे सेवा के बजाय व्यवसाय के रूप में देखा जाने लगा है।
उनका कहना था कि गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा प्रत्येक छात्र का अधिकार है। संगठन भविष्य में शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों को भी अपने अभियान का हिस्सा बनाएगा।


देशभर में अभियान की तैयारी
CJP के अनुसार, आने वाले महीनों में संगठन विभिन्न राज्यों में जनजागरण अभियान चलाने की योजना बना रहा है।
इस अभियान के तहत—
- युवाओं के साथ जनसंवाद
- रोजगार पर चर्चा कार्यक्रम
- छात्र एवं युवा सम्मेलन
- जिला स्तर की बैठकें
- लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन और जनअभियान
जैसी गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
युवाओं से की एकजुट होने की अपील
अभिजीत दीपके ने युवाओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संगठित होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत युवा हैं और यदि उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिलते, तो इसका प्रभाव समाज और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारों के सामने रोजगार का मुद्दा प्रभावी ढंग से रखने के लिए युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
सरकार की जिम्मेदारी पर दिया जोर
दीपके ने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल होना चाहिए।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यदि युवाओं को शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते, तो इससे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि युवाओं की संगठित आवाज नीति-निर्माताओं का ध्यान इस दिशा में आकर्षित करेगी।
आगे क्या होगी CJP की रणनीति?
संगठन के अनुसार, आने वाले समय में CJP विभिन्न राज्यों में अपनी गतिविधियों का विस्तार करेगी और शिक्षा, रोजगार, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा युवाओं से जुड़े अन्य विषयों पर अभियान चलाएगी।
हालांकि संगठन ने फिलहाल किसी चुनावी कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। CJP पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह स्वयं को एक जन-दबाव समूह (Pressure Group) के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
छत्रपति संभाजीनगर में हुई कोर टीम बैठक के बाद CJP ने बेरोजगारी को राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बनाने की घोषणा की है। संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन ने युवाओं की रोजगार संबंधी चिंताओं को सामने लाया है। संगठन का दावा है कि वह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से शिक्षा सुधार, रोजगार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर देशव्यापी अभियान चलाएगा।