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अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर तनाव: 28 लड़ाके ढेर, 32 गिरफ्तार करने का तालिबान का दावा

By aonenewstv | Published: Sep 28, 2026 09:16 AM

अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर तनाव: 28 लड़ाके मारे गए, 32 पकड़े जाने का तालिबान का दावा

नई दिल्ली: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि पूर्वी अफगानिस्तान के नूरीस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सीमा की ओर से आए एक सशस्त्र समूह के खिलाफ कार्रवाई में 28 लड़ाके मारे गए, जबकि 32 को पकड़ लिया गया। अफगान पक्ष ने इनमें इस्लामिक स्टेट से जुड़े लोगों और पूर्व अफगान सरकार के सुरक्षा बलों के कुछ सदस्यों के शामिल होने का दावा किया है। पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया है।

Flames and smoke rise from an area struck by an airstrike in Kandahar on September 24, 2026. Pakistan’s minister of information said its forces had struck 10 targets in Afghanistan — without specifying where — accusing its neighbour of allowing “terrorist sanctuaries” on its soil. (Photo by AFP)

कामदेश जिले में हुई कार्रवाई

अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह घटना शनिवार को नूरीस्तान के कामदेश जिले में हुई, जो पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ इलाका है। मंत्रालय का कहना है कि एक समूह सीमा पार कर अफगान क्षेत्र में दाखिल हुआ था और उसका उद्देश्य इलाके में हमले तथा अस्थिरता पैदा करना था।

अफगान बलों ने समूह के खिलाफ अभियान चलाया। तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई में 28 लड़ाके मारे गए और 32 अन्य को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, इन आंकड़ों और घटना के अफगान सरकार के पूरे विवरण की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

पाकिस्तान पर लगाए गंभीर आरोप

अफगान रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि लड़ाकों के समूह को पाकिस्तानी पक्ष से समर्थन मिला था। मंत्रालय का दावा है कि इसमें शामिल ज्यादातर लोग पूर्व अफगान सरकार के सुरक्षा बलों से जुड़े रहे हैं।

अफगान पक्ष के अनुसार, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने कुछ पूर्व अफगान सुरक्षाकर्मियों को विदेश में शरण और अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर पाकिस्तान बुलाया। आरोप है कि इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण दिया गया और नूरीस्तान की ओर भेजा गया। अफगान मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि समूह में इस्लामिक स्टेट से जुड़े लड़ाके शामिल थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पाकिस्तान ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

अफगानिस्तान के आरोपों पर पाकिस्तान ने कड़ा जवाब दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा कि उसके सुरक्षा बलों या खुफिया एजेंसियों का नूरीस्तान की घटना से कोई संबंध नहीं है।

पाकिस्तान ने यह भी इनकार किया कि उसने पूर्व अफगान सुरक्षा अधिकारियों को भर्ती या प्रशिक्षण दिया अथवा इस्लामिक स्टेट या किसी अन्य आतंकी संगठन को अफगानिस्तान में मदद पहुंचाई। इस्लामाबाद ने कहा कि अफगान पक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए हैं।

पाकिस्तान ने इसके बजाय काबुल से अफगान क्षेत्र में सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उसका आरोप है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है। तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।

Taliban security officers inspect the scene of what Taliban officials said were Pakistani airstrikes in Khost province, Afghanistan, Thursday, Sept. 24, 2026. (AP Photo/Saifullah Zahir)

लगातार बढ़ रहा सीमा विवाद

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव का मुख्य कारण सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के आरोप हैं। पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके पाकिस्तान में हमले करते हैं। काबुल इन आरोपों से इनकार करता है।

दूसरी ओर, तालिबान सरकार पाकिस्तान पर अफगान क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई करने और हवाई हमले करने का आरोप लगाती रही है। दोनों देशों के बीच सीमा पर गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।

हालिया घटनाओं से और बढ़ा तनाव

नूरीस्तान की घटना ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच पहले से तनाव बना हुआ है। हाल के दिनों में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर हवाई हमले किए थे। पाकिस्तान ने इन हमलों को आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने की कार्रवाई बताया, जबकि अफगान पक्ष ने नागरिकों के मारे जाने की बात कही। संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन ने सितंबर में हुए एक हवाई हमले के बाद तीन नागरिकों की मौत की पुष्टि की थी।

पाकिस्तान में भी हाल के दिनों में सुरक्षा बलों और पुलिस को निशाना बनाकर हमले हुए हैं। इस्लामाबाद इन घटनाओं को अफगानिस्तान में मौजूद आतंकवादी नेटवर्क से जोड़ता रहा है, जबकि काबुल ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं करता।

दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ी तल्खी

2021 में तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता में लौटने के बाद शुरुआत में पाकिस्तान ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया था। हालांकि, बाद के वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते खराब होते गए। पाकिस्तान में आतंकी हमलों को लेकर इस्लामाबाद और काबुल के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।

नूरीस्तान में हुई ताजा कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। फिलहाल अफगानिस्तान ने 28 लड़ाकों के मारे जाने और 32 के पकड़े जाने का दावा किया है, जबकि पाकिस्तान ने इस घटना में अपनी भूमिका से पूरी तरह इनकार किया है।

 

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