लखनऊ डबल मर्डर केस: घरेलू कलह से परेशान होकर होमगार्ड ने की पत्नी-बेटी की हत्या, जेल भेजा गया आरोपी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर क्षेत्र में पत्नी और बेटी की हत्या के मामले में गिरफ्तार होमगार्ड रविंद्र शंकर को अदालत में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में पारिवारिक विवाद से परेशान होकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। घटना भोलाखेड़ा के मानसनगर इलाके की है, जहां शुक्रवार तड़के मां-बेटी के शव मिलने से हड़कंप मच गया था।
पत्नी और 32 वर्षीय बेटी की हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान रविंद्र शंकर साहू के रूप में हुई है। मृतकों में उसकी पत्नी श्यामा दुलारी और 32 वर्षीय बेटी पूजा शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मोबाइल चार्जिंग केबल से गला घोंटने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने वारदात वाली रात पत्नी और बेटी को नींद की गोलियां मिलाकर चाय दी थी। दोनों के सो जाने के बाद उसने कथित तौर पर मोबाइल चार्जिंग केबल से उनका गला घोंट दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने परिवार के अन्य सदस्यों को भी नुकसान पहुंचाने की बात कही, लेकिन दूसरे कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण उसकी छोटी बेटी और नातिन बच गईं।
परिवार में लंबे समय से चल रहा था विवाद
जांच में सामने आया कि आरोपी और उसकी पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे। पुलिस के मुताबिक, पत्नी के घर से चले जाने और बाद में लौटने को लेकर भी विवाद हुआ था। इसके अलावा बेटी पूजा की दो शादियां हुई थीं और दोनों रिश्ते तलाक के साथ समाप्त हो गए थे। वह अपनी बेटी के साथ मायके में रह रही थी। पुलिस ने पारिवारिक तनाव को वारदात की संभावित वजह बताया है।
खुद पुलिस को दी थी घटना की जानकारी
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी ने परिवार के एक सदस्य को फोन कर घटना की जानकारी दी और फिर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच जारी, आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने बताया कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मां-बेटी का पोस्टमार्टम होने के बाद अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। पुलिस पारिवारिक विवाद की पृष्ठभूमि और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
नोट: मामले में हत्या के आरोप और पूछताछ में सामने आए विवरण पुलिस की शुरुआती जांच पर आधारित हैं।